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MILAN 2026: भारत युद्धाभ्यास मिलन के लिए तैयार, नौसेना ने तीन देशों के जहाजों का किया स्वागत

Mon, 16 Feb 2026 12:48 PM IST
लव गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विशाखापत्तनम

सार

MILAN 2026: भारत युद्धाभ्यास मिलन के लिए पूरी तरह से तैयार है। ऐसे में भारतीय नौसेना ने तीन देशों (थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका) के नौसैनिक जहाज का  स्वागत किया। यह नौसैनिक युद्धाभ्यास 19-20 फरवरी को बंदरगाह चरण में और 21-25 फरवरी को बंगाल की खाड़ी में समुद्री चरण में होगा।
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मिलन नौसैनिक युद्धाभ्यास - फोटो : ANI Photos
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विस्तार
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भारत 'मिलन-2026' नौसैनिक युद्धाभ्यास की मेजबानी करने जा रहा है। ऐसे में भारतीय नौसेना ने रविवार को थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के नौसैनिक जहाजों का स्वागत किया। हर दूसरे वर्ष आयोजित होने वाले इस युद्धाभ्यास का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग और सुरक्षा को बढ़ावा देना है।
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भारतीय नौसेना ने किया 'स्वागत' पोस्ट
तीन देशों के नौसैनिक जहाजों के बारे में एक्स पर कई पोस्टों में विवरण साझा करते हुए भारतीय नौसेना की पूर्वी नौसेना कमान ने कहा, "स्वागत है! भारतीय नौसेना रॉयल थाई नौसेना के अपतटीय गश्ती पोत एचटीएमएस क्राबी का विशाखापत्तनम पहुंचने पर स्वागत करती है, जो आईएफआर 2026 इंडिया और मिलन 2026 में भाग लेने के लिए आई है।' ऐसे ही दो अन्य पोस्ट में रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना का फ्रिगेट एचएमएएस वारामुंगा और श्रीलंकाई नौसेना के एसएलएनएस नंदी मित्रा और एसएलएनएस सागरा की भी जानकारी दी।
 
दो चरणों में होगी नौसैनिक युद्धाभ्यास
भारत के सबसे बड़े नौसैनिक आयोजनों में से एक अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा (आईएफआर) में मिलन अभ्यास के दौरान इस बार 65 देशों के प्रतिनिधित्व के साथ 19 विदेशी युद्धपोतों सहित 71 जहाजों की भागीदारी देखने को मिलेगी। मिलन अभ्यास 19-20 फरवरी को बंदरगाह चरण में और 21-25 फरवरी को बंगाल की खाड़ी में समुद्री चरण में होगा। गौरतलब है कि आईएनएस विक्रांत पहले ही विशाखापत्तनम पहुंच चुका है और इस भव्य आईएफआर का हिस्सा होगा।
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18 फरवरी को राष्ट्रपति द्वारा समुद्र में आईएफआर की समीक्षा की जाएगी। इस कार्यक्रम में कुल 71 जहाज भाग लेंगे, जिन्हें छह श्रेणियों में व्यवस्थित किया गया है, जिनमें 19 विदेशी युद्धपोत और भारतीय नौसेना के 45 जहाज शामिल हैं। शेष जहाजों में तटरक्षक बल, व्यापारिक नौसेना और अनुसंधान पोत शामिल हैं।

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1995 में चार देशों के साथ हुई थी शुरुआत
दो चरणों में होने वाले इस नौसैनिक युद्धाभ्यास में अमेरिका, रूस, फ्रांस और जापान सहित कई देशों के साथ संयुक्त अभ्यास होगा। हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी में 25 तटीय देशों के नौसेना प्रमुख शामिल हैं। समुद्री डकैती, आपदा राहत और अवैध गतिविधियों से निपटने के लिए साझा कार्यप्रणाली पर भी चर्चा होगी। बता दें कि मिलान सैन्य अभ्यास, जिसकी शुरुआत 1995 में केवल चार देशों के साथ हुई थी, अब विश्व भर की 65 नौसेनाओं को शामिल कर चुका है। 

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