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चीन को सबक सिखाने के मूड में PM मोदी, गणतंत्र दिवस पर दिखेंगे 7 देशों के प्रमुख

Mon, 13 Nov 2017 09:26 PM IST
संजय मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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विश्व में भारत की बढ़ती ताकत का अहसास इस दफे गणतंत्र दिवस के अवसर पर होने वाली परेड में भी नजर आएगा। राजपथ पर 26 जनवरी 2018 को गणतंत्र दिवस समारोह में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ आसियान देशों के प्रमुख भी बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहेंगे। 
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सूत्र बताते हैं कि आसियान के करीब 7 देशों ने भारत सरकार के प्रस्ताव को स्वीकारते हुए अपनी सहमति प्रदान कर दी है। आसियान फोरम की बैठक में भाग लेने मनीला गए पीएम नरेंद्र मोदी शेष देशों के प्रमुखों से भी इस बार गणतंत्र दिवस के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहने का आग्रह करेंगे। 

सरकार के शीर्ष सूत्रों को विश्वास है कि शेष देश भी पीएम के आग्रह को स्वीकार कर लेंगे। नेतन्याहू के साथ आसियान देशों की गणतंत्र दिवस के अवसर पर मौजूदगी विश्व में भारत के बढ़ते कद की अहमियत बताता है। 
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पहली दफे एक के बजाय कई मुख्य अतिथि होंगे मौजूद  
गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ पर होने वाली परेड में पहली दफे मुख्य अतिथियों की परंपरा में बदलाव नजर आएगा। अब से पहले गणतंत्र दिवस के अवसर पर केवल एक देश के प्रमुख को ही बतौर मुख्य अतिथि बुलाने की परंपरा थी। 

मुख्य अतिथि का चयन भी केवल परंपरा निर्वाह बनकर रह गया था, लेकिन केंद्र में सत्ता संभालने के बाद पीएम ने इस परंपरा को देश हित से जोड़ दिया है। मुख्य अतिथि के चयन में भी देश का हित ध्यान में रखा जाता है। सरकार ने इस दफे इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ आसियान देशों के प्रमुखों को भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बुलाकर उन्हें सम्मान देने का प्रयास किया है। 

आसियान के सदस्य देशों में थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, म्यांमार, वियतनाम, फिलिपींस, ब्रुनेई, कंबोडिया, सिंगापुर और लाओस शामिल हैं। सरकार के एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार 7 देशों के प्रमुखों ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। अन्य तीन देश भी जल्द अपनी स्वीकृति प्रदान कर देंगे। 
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बढ़ते राजनीतिक दायरे का करना चाहते हैं प्रदर्शन

उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी ने जुलाई में इजराइल यात्रा के दौरान ही नेतन्याहू को गणतंत्र दिवस के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहने का निमंत्रण दिया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। उनके साथ अब आसियान देश के प्रमुख भी भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में उपस्थित होकर समारोह की गरिमा बढ़ाएंगे। 

इससे पहले मोदी के पीएम बनने के बाद केंद्र सरकार ने 2015 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनाया था। 

पीएम मोदी परंपराओं से हटकर कार्य करने के लिए जाने जाते हैं। पीएम पद पर अपने शपथ ग्रहण कार्यक्रम में पड़ोसी देशों के प्रमुखों को आमंत्रित कर मोदी ने सभी को चौंका दिया था। अब गणतंत्र दिवस समारोह के जरिए वे भारत के सामरिक ताकत के साथ विश्व में उसके बढ़ते राजनीतिक दायरे का भी प्रदर्शन करना चाहते हैं ताकि दुनिया भारत की उभरती ताकत को समझ सके। 

आसियान के जरिए चीन को सबक 
गणतंत्र दिवस के अवसर पर आसियान देशों को आमंत्रित कर सरकार ने चीन को सबक सिखाने का दांव चला है। अब तक चीन दक्षिण एशिया में अपनी बादशाहत समझता था, लेकिन भारत के बदले तेवरों ने चीन को यहां भी डिप्लोमेटिक स्तर पर पटकनी देनी शुरू कर दी है। 

डोकलाम में चीन को सबक सिखाने के बाद पीएम मोदी गणतंत्र दिवस के अवसर पर आसियान देशों की उपस्थिति दर्ज कराकर चीन को अपने बढ़ते प्रभाव का अहसास कराना चाहते हैं। आसियान दक्षिण पूर्वी राष्ट्रों का संगठन है, जहां चीन अपना दबदबा चाहता है। 

लेकिन भारत ने उसके दबदबे को न सिर्फ चुनौती दी है बल्कि इन देशों के बीच अपने रिश्ते भी गहरे करने में जुटा हुआ है। 13 अगस्त 2009 को भारत ने आसियन के संग बैंकॉक में सम्मेलन किया था, जिसमें कई महत्वपूर्ण समझौते हुए थे। इसके अलावा भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला 2008 नई दिल्ली में आसियान मुख्य केंद्र बिंदु रहा था। अब आसियान देश भारत के चौथे सबसे बड़े व्यापारिक भागीदार हैं। 
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