विश्व में भारत की बढ़ती ताकत का अहसास इस दफे गणतंत्र दिवस के अवसर पर होने वाली परेड में भी नजर आएगा। राजपथ पर 26 जनवरी 2018 को गणतंत्र दिवस समारोह में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ आसियान देशों के प्रमुख भी बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहेंगे।
सूत्र बताते हैं कि आसियान के करीब 7 देशों ने भारत सरकार के प्रस्ताव को स्वीकारते हुए अपनी सहमति प्रदान कर दी है। आसियान फोरम की बैठक में भाग लेने मनीला गए पीएम नरेंद्र मोदी शेष देशों के प्रमुखों से भी इस बार गणतंत्र दिवस के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहने का आग्रह करेंगे।
सरकार के शीर्ष सूत्रों को विश्वास है कि शेष देश भी पीएम के आग्रह को स्वीकार कर लेंगे। नेतन्याहू के साथ आसियान देशों की गणतंत्र दिवस के अवसर पर मौजूदगी विश्व में भारत के बढ़ते कद की अहमियत बताता है।
पहली दफे एक के बजाय कई मुख्य अतिथि होंगे मौजूद
गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ पर होने वाली परेड में पहली दफे मुख्य अतिथियों की परंपरा में बदलाव नजर आएगा। अब से पहले गणतंत्र दिवस के अवसर पर केवल एक देश के प्रमुख को ही बतौर मुख्य अतिथि बुलाने की परंपरा थी।
मुख्य अतिथि का चयन भी केवल परंपरा निर्वाह बनकर रह गया था, लेकिन केंद्र में सत्ता संभालने के बाद पीएम ने इस परंपरा को देश हित से जोड़ दिया है। मुख्य अतिथि के चयन में भी देश का हित ध्यान में रखा जाता है। सरकार ने इस दफे इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ आसियान देशों के प्रमुखों को भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बुलाकर उन्हें सम्मान देने का प्रयास किया है।
आसियान के सदस्य देशों में थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, म्यांमार, वियतनाम, फिलिपींस, ब्रुनेई, कंबोडिया, सिंगापुर और लाओस शामिल हैं। सरकार के एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार 7 देशों के प्रमुखों ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। अन्य तीन देश भी जल्द अपनी स्वीकृति प्रदान कर देंगे।