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संसद सत्र का बदला-बदला सा होगा नजारा, मोबाइल एप से लगेगी हाजिरी और...

Mon, 14 Sep 2020 12:37 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

  • संसद में सांसदों के बैठने की विशेष व्यवस्था, सीटों के बीच में लगाई गई पॉली कार्बन शीट
  • सरकार की प्राथमिकता 11 अध्यादेशों को कानूनी जामा पहनाना, 47 मुद्दों पर होगी चर्चा
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parliament - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कोरोना संक्रमण के साए में सोमवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र का नजारा पहली बार बदला-बदला सा होगा। केवल कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट वाले और मास्कधारी सदस्यों को ही प्रवेश मिलेगा। सदस्यों की हाजिरी मोबाइल एप से ही होगी।

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सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए सीटों के बीच में पॉली-कार्बन शीट लगाई गई है। सत्र की 18 बैठकें लगातार होंगी, शनिवार, रविवार समेत कोई छुट्टी नहीं होगी। इस दौरान सरकार की प्राथमिकता 11 अध्यादेशों को कानूनी जामा पहनाना होगा। 

सत्र के दौरान विपक्ष जहां चीन से जारी तनातनी, बेरोजगारी, खस्ताहाल अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरेगा, वहीं सरकार की प्राथमिकता अहम अध्यादेशों को कानून बनाने की होगी। गौरतलब है कि बजट सत्र के दूसरे हिस्से का समय से पहले खत्म होने के बाद सरकार अब तक 11 अध्यादेश जारी कर चुकी है।
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इनमें कृषि से जुड़े तीन, स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा को गैरजमानती अपराध बनाने, सांसदों के वेतन में अप्रैल से कटौती करने और जम्मू-कश्मीर आधिकारिक भाषा से जुड़े अध्यादेश आदि शामिल हैं। सत्र के दौरान कुल 47 मुद्दों पर चर्चा होगी। इनमें कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन सहित 45 विधेयक और दो वित्तीय मामलों से जुड़े बिल पर चर्चा होगी। 

अलग-अलग समय पर होगी कार्यवाही
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही एक ही दिन अलग-अलग समय पर होगी। सुबह 9 बजे से एक बजे तक ऊपरी सदन राज्यसभा, जबकि 3 बजे से शाम 7 बजे तक लोकसभा की कार्यवाही चलेगी। बीच के दो घंटे की अवधि में पूरे संसद भवन को सैनिटाइज किया जाएगा। सामाजिक दूरी का ध्यान रखने के लिए कार्यवाही के दौरान सदस्यों को राज्यसभा और लोकसभा के साथ अलग-अलग दीर्घाओं में भी बैठाया जाएगा।

प्रश्नकाल नहीं, शून्यकाल भी आधा घंटा
यह पहला मौका होगा, जब सत्र के दौरान सदस्य पूरक प्रश्न नहीं पूछ पाएंगे। वहीं शून्यकाल भी केवल आधे घंटे का होगा। समय के अभाव के कारण इस बार सरकारी कामकाज से ही कार्यवाही की शुरुआत होगी। पहले कार्यवाही की शुरुआत एक घंटे के प्रश्नकाल से होती थी। इसके बाद शून्यकाल के लिए एक घंटा निर्धारित होता था।

संसद की कैंटीन में मिलेगा केवल डिब्बाबंद खाना 
कोरोना संक्रमण को देखते हुए सुरक्षा कारणों से संसद की कैंटीन में इस सत्र में केवल डिब्बाबंद खाना मिलेगा। इस संबंध में कैंटीन में खाद्य पदार्थों की सूची जारी कर दी गई है। इस सूची के मुताबिक, सांसदों के लिए कई प्रकार का नाश्ता उपलब्ध होगा। वहीं दोपहर के भोजन में चार तरह का खाना मिलेगा, जिसमें शाकाहारी, मांसाहारी, दक्षिण भारतीय और कॉम्बो थाली मिलेगी।

कांग्रेस व विपक्षी दल करेंगे चार अध्यादेश का विरोध

सरकार को 11 अध्यादेशों को कानूनी जामा पहनाने में कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के विरोध का सामना करना पड़ेगा। इनमें से चार अध्यादेश पर विपक्षी दलों को आपत्ति है और उस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब चाहते हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अन्य समान विचारधारा वाले दलों के संपर्क में है।

रमेश ने कहा कि कृषि संबंधी तीन प्रस्तावित विधेयकों और बैंकिंग नियमन कानून का हमने दोनों सदनों में सख्ती से विरोध करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल, आनंद शर्मा, केसी वेणुगोपाल और वह खुद विपक्षी दल के नेताओं से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बात की। ये चारों अध्यादेश राज्यों के अधिकार छीनने वाले हैं और इससे सत्ता केंद्रीकृत हो जाएगी।

विपक्ष से टकराव के आसार
विपक्ष ने संकेत दिया है कि वह सरकार को चीन से तनातनी के बीच गलवां घाटी में 21 सैनिकों की शहादत और एलएसी पर चीनी सेना की घुसपैठ का सवाल उठाएगा। इसके अलावा कोरोना के कारण बेरोजगारी, लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों को हुई परेशानी और बदहाल अर्थव्यवस्था के सवाल पर भी सरकार को घेरेगा।

माननीयों की सुरक्षा में उठाए कदम

यह भी फैसला किया गया है कि संभावित संक्रमण से बचने के लिए एयरकंडीशनर की हवा रोजाना छह बार बदली जाएगी। डीआरडीओ सांसदों को बहुउपयोगी कोविड-19 किट भी देगा। प्रत्येक किट में 40 डिस्पोजेबल मास्क, पांच एन-95 मास्क, 20 बोतल सैनिटाइजर, फेस शील्ड, 40 जोड़े दास्ताने, दरवाजे को खोलने के लिए एक हुक और टी बैग दिए जाएंगे।

सत्र से पहले संपूर्ण चिकित्सा जांच के लिए भर्ती हुए गृहमंत्री अमित शाह: एम्स 
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को संसद सत्र शुरू होने से पहले संपूर्ण चिकित्सा जांच के लिए एम्स में भर्ती कराया गया है। अस्पताल ने रविवार को बताया, गृहमंत्री को शनिवार रात 11 बजे भर्ती कराया गया था। इससे पहले उन्हें कोरोना से उबरने के बाद देखभाल के लिए 18 अगस्त को भर्ती कराया गया था और 31 अगस्त को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई थी। तब उन्हें दी गई सलाह के मुताबिक, संसद सत्र शुरू होने से पहले उनकी पूरी जांच की जाएगी। इसमें एक दो दिन लगेंगे। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होगा।
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जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा हटने के बाद पहली बार संसद पहुंचेंगे फारूक

पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के लोकसभा सांसद फारूक अब्दुल्ला संसद के मानसून सत्र में हिस्सा लेने के लिए रविवार को दिल्ली पहुंच गए हैं। उनके काफी मुखर रहने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छे 370 हटने के बाद अब्दुल्ला पहली बार संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेंगे।

मौजूदा सत्र में वरिष्ठ सांसद के जम्मू-कश्मीर का मसला जोरशोर से उठाने की उम्मीद है। गौरतलब है कि पिछले दो सत्रों से वह नजरबंदी के कारण कार्यवाही में शामिल नहीं हो सके थे। तब विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार से मांग की थी उन्हें संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेने की अनुमति दी जाए।

भारत-चीन मसले पर सरकार चर्चा करने को तैयार : जोशी
संसदीय मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर भारत-चीन मसले पर मंगलवार को दोनों सदनों के नेताओं की बैठक होगी। जोशी ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार है। उन्होंने सभी दलों से इस कठिन दौर में सहयोग करने की अपील की। ओम बिरला की अगुवाई में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई, जिसमें सभी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया।
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