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India Pakistan Tension: जिहादी जनरल आसिम मुनीर और मुशर्रफ में कितना फर्क? रक्षा विशेषज्ञ बता रहे हैं बड़ी बात

Sat, 10 May 2025 03:05 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Asim Munir vs Pervez Musharraf, Difference Between The Competencies: पाकिस्तान के साथ तनाव की जो स्थिति बनी है, उसमें सबसे बड़ा हाथ पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का माना जाता है। थलसेना के पूर्व उच्च अधिकारी और रक्षा विशेषज्ञ बता रहे हैं कि आसिम मुनीर और परवेज मुशर्रफ में क्या फर्क है...
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लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) राजेंद्र रामराव निंभोरकर - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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पहलगाम आतंकी हमले के बाद सरहदी इलाकों में तनाव है। दोनों देशों की तोपें, ड्रोन, मिसाइलें आमने-सामने हैं। पाकिस्तान लगातार उकसावे की हरकतें कर रहा है, जबकि भारत इसका करारा जवाब दे रहा है। दोनों देशों के बीच तनाव की यह स्थिति 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद से है, जहां पाकिस्तान के भाड़े के दहशतगर्दों ने धर्म पूछकर पुरुषों को उनके परिवारों के सामने गोली मार दी थी। इसके जिम्मेदार सीधे तौर पर पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर हैं। 

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2016 में उड़ी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक के समय कोर कमांडर रहे लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) राजेंद्र रामराव निंभोरकर ने अमर उजाला के साथ बातचीत में बताया कि आसिम मुनीर किस तरह के व्यक्ति हैं और उनकी सोच पूर्व तानाशाह परवेज मुशर्रफ से कैसे अलग है। 



आसिम मुनीर कट्टरपंथी हैं, उनके पास सोच का अभाव
ले.ज. निंभोरकर ने कहा कि परवेज मुशर्रफ की जोखिम उठाने की क्षमता ऐसी थी कि नाकामी की 80 फीसदी आशंका होने पर भी वे फैसला कर लेते थे। आसिम मुनीर की बात करें तो उनके पास सोच का अभाव है। वे कट्टरपंथी हैं। उनके पास जोखिम लेने की क्षमता नहीं है। उनके पास सोचने की शक्ति ज्यादा नहीं है। वे अपने मुल्क को विनाश की तरफ ही ले जा सकते हैं। 
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16 अप्रैल को मुनीर ने दिया था बयान, इसके बाद से हालात बदले
मुनीर ने ही 16 अप्रैल को बयान दिया था कि कश्मीर पर हमारा (पाकिस्तानी सेना) और सरकार का रुख बिल्कुल स्पष्ट है। हम इसे नहीं भूलेंगे। हम हिंदुओं से अलग हैं। हमारा महजब, हमारी सोच अलग है। हम भारत के कब्जे के खिलाफ संघर्ष करने वाले अपने कश्मीरी भाइयों को नहीं छोड़ेंगे। मुनीर के इसी बयान के बाद 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। 

यह भी पढ़ें- India-Pak Conflict Analysis: 'भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बीच अगले 72 घंटे अहम', रक्षा विशेषज्ञ ने ऐसा क्यों कहा

मुनीर पाकिस्तान के सबसे ताकतवर शख्स, उनकी इमरान से भी नहीं बनी
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की भी जनरल मुनीर से कभी पटरी नहीं बैठी। आरोप है कि आम चुनावों में जनरल मुनीर के कहने पर धांधली हुई और इमरान की पार्टी पीटीआई सत्ता में नहीं आ सकी। मुनीर धार्मिक कट्टरता वाले बयान देते रहते हैं। दरअसल, इमरान खान ने प्रधानमंत्री रहते हुए आसिम मुनीर को आईएसआई प्रमुख के रूप में नियुक्त किया था, लेकिन कुछ ही महीनों में हटा दिया था। मुनीर ने इसे अपमान के तौर पर लिया और इमरान को सत्ता में नहीं लौटने दिया। 
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मुशर्रफ ने किया था तख्तापलट
1999 की कारगिल जंग के समय जनरल परवेज मुशर्रफ पाकिस्तान के सेना प्रमुख थे। तब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ थे। मौजूदा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ नवाज के ही भाई हैं। कारगिल जंग के बाद मुशर्रफ ने तख्तापलट कर नवाज शरीफ को सत्ता से बेदखल कर दिया था और खुद राष्ट्रपति बन गए थे। बाद में नवाज शरीफ ने बयान दिया था कि कारगिल जंग की साजिश मुशर्रफ ने रची थी और उन्हें इसकी भनक नहीं लग पाई थी। हालांकि, बाद में 2001 में मुशर्रफ आगरा शिखर वार्ता के लिए भारत आए थे। यह वार्ता नाकाम रही थी।

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