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करतारपुर कॉरिडोर : पाक का आश्वासन, भारत विरोधी किसी गतिविधि को नहीं मिलेगी इजाजत

Sun, 14 Jul 2019 05:56 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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करतारपुर कॉरिडोर पर चर्चा करते भारत और पाकिस्तानी अधिकारी - फोटो : पीटीआई
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भारत ने पाकिस्तान द्वारा एक पुल के निर्माण से करतारपुर साहिब गुरुद्वारा से लगे क्षेत्रों में पानी भरने की संभावना से जुड़ी अपनी चिंताओं से रविवार को पाकिस्तान को अवगत कराया। साथ ही, पड़ोसी देश से भारत की तरह ही एक पुल बनाने का अनुरोध किया।

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एक आधिकारिक बयान के मुताबिक यहां हुई एक द्विपक्षीय बैठक में भारत ने पाकिस्तान को करतारपुर साहिब गुरुद्वारा की तीर्थयात्रा करने के लिए पूरे साल सुगम और निर्बाध पहुंच से जुड़ी श्रद्धालुओं की भावनाओं पर विचार करने का भी अनुरोध किया।


भारत की चिंताओं से जुड़ा एक दस्तावेज पाकिस्तान को सौंपा गया है, जिस पर पड़ोसी देश ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि भारत विरोधी किसी भी गतिविधि की इजाजत नहीं दी जाएगी। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुद्वारा में राजनयिक द्वारा श्रद्धालुओं को सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने को भी कहा है।

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करतारपुर परियोजना पर दूसरे दौर की चर्चा के बाद जारी बयान के मुताबिक इस संदर्भ में पाकिस्तान स्थित वैसे लोगों या संगठनों से जुड़ी चिंताएं साझा की गईं, जो तीर्थयात्रा में खलल डाल सकते हैं और इस अवसर का दुरूपयोग श्रद्धालुओं की भावनाओं से खिलवाड़ करने में कर सकते हैं। 

भारत ने डेरा बाबा नानक और इससे लगे भारत की ओर के इलाकों में पानी भरने की संभावना से जुड़ी अपनी चिंताओं से भी पाक को अवगत कराया, क्योंकि पाकिस्तान की ओर प्रस्तावित मिट्टी भर कर तटबंध या पुल (बनाए जाने) से इलाके में संभवत: यह खतरा पैदा होगा। 

पाक से साझा किया बाढ़ का विश्लेषण

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इन चिंताओं का उल्लेख करने के लिए पाकिस्तान के साथ बाढ़ का विस्तृत विश्लेषण साझा किया। बयान में कहा गया है कि इस बात से स्पष्ट रूप से अवगत कराया गया है कि मिट्टी भर कर बनाया गया तटबंध या पुल भारत के लोगों के लिए समस्याएं पैदा करेगा और इसे अस्थायी तौर पर भी नहीं बनाया जाना चाहिए। 

भारत ने अपनी ओर जो पुल बना रहा है उसका ब्योरा साझा किया गया है और पाकिस्तान से भी अपनी ओर ऐसा ही एक पुल बनाने का अनुरोध किया गया है। यह न सिर्फ इलाके में पानी भरने से जुड़ी चिंताओं को दूर करेगा, बल्कि गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के लिए पूरे साल सुगम, निर्बाध और बारहमासी तीर्थयात्रा को सुनिश्चित करेगा। 

पाक पुल बनाने के लिए सहमत

बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान सैद्धांतिक रूप से जल्द से जल्द एक पुल बनाने के लिए सहमत हो गया है। पुरानी रावी क्रीक पर पाकिस्तान की ओर पुल के निर्माण के लंबित रहने पर भारत ने नवंबर में गलियारा को शुरू करने के लिए अंतरिम व्यवस्था करने की पेशकश की है। नवंबर 2019 में गुरू नानक देव की 550वीं जयंती के एतिहासिक महत्व के मद्देनजर भारत ने यह पेशकश की है। 

करतारपुर साहिब गलियारा को शुरू करने के तौर तरीकों पर पाकिस्तान के साथ वार्ता पाकिस्तान की सीमा के अंदर वाघा में हुई, जिसके लिए एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार किया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एससीएल दास ने किया, जिसमें विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, पंजाब सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रतिनिधि शामिल थे। 

बैठक में करतारपुर साहिब गलियारा पर तीर्थयात्रा को सुगम बनाने के लिए मसौदा समझौता और परियोजना के स्वरूप तथा इसके लिए निर्मित किए जाने वाले बुनियादी ढांचे पर चर्चा की गई। इस बैठक में तीन दौर की तकनीकी बैठकों में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। ये बैठकें मार्च, अप्रैल और मई 2019 में हुई थीं। 

पांच हजार श्रद्धालु रोज कर सकेंगे करतारपुर साहिब की यात्रा

उन्होंने क्रॉसिंग प्वाइंट ‘जीरो प्वाइंट’ के बारे में तकनीकी स्तर पर बनी सहमति को ध्यान में रखने का समर्थन किया। भारतीय पासपोर्ट धारक और ओसीआई कार्ड धारक को हफ्ते में सातों दिन वीजा मुक्त यात्रा की इजाजत देने पर भी सहमति बनी। पूरे साल पांच हजार श्रद्धालुओं को प्रतिदिन करतारपुर साहिब गुरुद्वारा की यात्रा करने की इजाजत दी जाएगी। 

बयान में कहा गया है कि तीर्थयात्रियों को व्यक्तिगत रूप से या समूह में तथा पद यात्रा के जरिए तीर्थयात्रा की इजाजत दी जाएगी। पाकिस्तान ने अपनी ओर बुनियादी ढांचे की समस्याओं का जिक्र किया और इस बात से अवगत कराया कि वह भारत के कई प्रस्ताव को चरणबद्ध तरीके से पूरा कर सकता है। 

यह उम्मीद की जा रही है कि पाकिस्तान अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को तीर्थयात्रियों की इजाजत देने और उनके लिए व्यवस्था करने में उदारता का रुख अपनाएगा। 

फिर होगी तकनीकी टीम की बैठक

दोनों देश इस बारे में सहमत हुए कि एक संचार माध्यम कायम किया जाएगा और करतारपुर साहिब गलियारा पर समझौता को अंतिम रूप देने की दिशा में काम किया जाएगा। तकनीकी टीम की बैठक फिर से होगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नवंबर से तीर्थयात्रा के लिए गलियारा को समय पर शुरू करने के लिए सुगम संपर्क मार्ग तैयार हो जाए। 

इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने यह अनुरोध भी दोहराया कि श्रद्धालुओं की संख्या पर उनकी आस्था के संदर्भ में कोई सीमा नहीं हो और लंगर तथा प्रसाद बनाने और उसके वितरण के लिए प्रावधान किए जाएं। तीर्थयात्रा के लिए सुरक्षित माहौल की अहमियत का भी जिक्र किया गया। 

सितंबर तक पूरा हो जाएगा भारत का फोर लेन हाईवे

उल्लेखनीय है कि भारत की सीमा में फोर लेन राजमार्ग बनाने पर काम जोर-शोर से जारी है। इस राजमार्ग का काम सितंबर तक पूरा हो जाएगा। पिछले साल नवंबर में भारत और पाकिस्तान इस गलियारे के निर्माण के लिए सहमत हुए थे। 26 नवंबर को गुरदासपुर जिले में और इसके दो दिन बाद पाकिस्तान के नारोवाल (लाहौर से 125 किमी दूर) में इस गलियारे की आधारशिला रखी गई थी। 

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