भारत और पाकिस्तान के बीच जनवरी में दुबई में हुई गोपनीय बैठक के बारे में जानकारी रखने वालों ने बताया कि गोपनीय बैठक में भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ और पाकिस्तान की आईएसआई के अधिकारियों ने भाग लिया था। इस बैठक के आयोजन में संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने भी मदद की थी।
दोनों देशों नहीं की पुष्टि
इस गोपनीय बैठक के बारे में न तो भारत सरकार और न ही पाकिस्तानी हुकूमत की ओर से कोई टिप्पणी की गई। हालांकि, पाकिस्तान के रक्षा मामलों की एक शीर्ष विश्लेषक आयशा सिद्दीका का मानना है कि दोनों देशों के खुफिया अधिकारी कुछ महीनों से किसी तीसरे देश में मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार थाईलैंड, दुबई और लंदन में इस तरह की उच्चस्तरीय बैठकें हो चुकी हैं। आयशा सिद्दीका का मानना है कि अतीत में भी जरूरत पड़ने पर दोनों देशों के बीच इस तरह की गोपनीय बैठकें होती रहीं हैं, लेकिन इनके बारे में कभी सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया।
भारत और पाकिस्तान अपने संबंधों को सामान्य बनाने के पक्ष में हैं। भारत चीन के साथ सीमा विवाद में उलझा है और पाकिस्तान के साथ सीमा पर किसी झंझट में नहीं फंसना चाहता है। वहीं चीन के दोस्त पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था संकट में है और वह जल्द से जल्द इससे उबरने की कोशिश में है। साथ ही वह अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के बाद अपनी पश्चिमी सीमा की हिफाजत को मजबूत करना चाहता है।