भारत के लिए अमेरिका से नवीनतम व संवेदनशील हथियारों और उनकी प्रौद्योगिकी हासिल करने का रास्ता खुल गया है। सोमवार को अमेरिका ने भारत को सामरिक व्यापार प्राधिकरण-1 (एसटीए-1) सूची में शामिल कर लिया। इसकी बदौलत अमेरिका से भारत को खतरनाक मारक क्षमता वाले ड्रोन विमानों समेत तमाम आधुनिक हथियारों के निर्यात पर से सरकारी नियंत्रण खत्म कर दिया गया है।
यूएस चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के सोमवार को आयोजित पहले भारत-प्रशांत बिजनेस फोरम में अमेरिका के वाणिज्य मंत्री विलबर रॉस ने भारत को एसटीए-1 दर्जा देने की घोषणा की। इसकी अहमियत ऐसे समझी जा सकती है कि भारत दक्षिण एशिया का पहला और एशिया में जापान व दक्षिण कोरिया के बाद इसमें शामिल होने वाले मात्र तीसरा देश है।
दुनिया में कुल 36 देश ही इस सूची में हैं, जिनमें से अधिकतर नाटो समूह के सदस्य हैं। बता दें कि इससे पहले वर्ष 2016 में अमेरिका ने भारत को प्रमुख रक्षा सहयोगी के रूप में मान्यता दी थी। अमेरिका में भारतीय राजदूत नवतेज सिंह सरना ने कहा कि यह सुरक्षा भागीदार के रूप में भारत पर अमेरिका के विश्वास का संकेत है।
अमेरिका मानता है कि भारत में बहुपक्षीय निर्यात नियंत्रण व्यवस्था है। इससे बिना किसी जोखिम के भारत को अधिक संवेदनशील रक्षा प्रौद्योगिकी और दोहरी उपयोग प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण की अनुमति मिलेगी।