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येरूशलम मामले पर बोला भारत- फिलिस्तीन पर हमारा स्टैंड कोई तीसरा देश तय नहीं करेगा

Thu, 07 Dec 2017 01:14 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
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ट्रंप ने येरूशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता दी है
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अमेरिका द्वारा येरूशलम को इजरायल की राजधानी की मान्यता देने पर भारत के दूतावास को भी शिफ्ट करने की मांग उठी है, लेकिन भारत ने अपना रुख साफ करते हुए ऐसा करने से इंकार कर दिया है। कहा गया है कि फिलिस्तीन पर क्या निर्णय लेना है इसके लिए भारत पूर्ण रूप से स्वतंत्र है और कोई भी देश क्या फैसला लेता है इसका भारत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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क्यों येरूशलम को बनाया इजरायल की राजधानी, क्या मुस्लिमों के खिलाफ जंग छेड़ रहे ट्रंप?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा है कि फिलिस्तीन पर भारत के विचार निजी हैं और यह किसी तीसरे देश द्वारा प्रभावित नहीं हो सकते। बता दें कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सीनियर नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सुझाव दिया था कि भारत को भी यूएस की तरह अपने दूतावास को येरूशलम में शिफ्ट करना चाहिए।

इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने येरूशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्याता दे दी, उन्होंने यूएस के दूतावास को भी वहीं शिफ्ट करने की बात कही है। यूएस ऐसा करने वाला देश बना गया है, जिसके कारण खाड़ी देशों में हिंसा भड़क सकती है, अरब देशों ने तो फैसले का विरोध शुरू भी कर दिया है। माना जा रहा है कि दूतावास को शिफ्ट करने के काम में तीन से चार साल लग सकते हैं।
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क्या है विवाद?

Jerusalem
येरूशलम को इजरायल और फिलिस्तीन दोनों ही जगह के लोग पवित्र मानते हैं और उसे अपना हिस्सा बताते हैं। दोनों के बीच इसे लेकर काफी लंबे वक्त से संघर्ष चल रहा है।

इजरायल हमेशा से येरूशलम को अपनी राजधानी बताता रहा है, वहीं फिलिस्तीन का दावा है कि पूर्व येरूशलम आने वाले वक्त में बनने वाले फिलिस्तीन राज्य की राजधानी है। येरूशलम 1948 में राज्य बना, तब से अबतक किसी भी देश ने इसे इजरायल की राजधानी का दर्जा नहीं दिया था, यूएस ऐसा करने वाला पहला देश बना है।
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