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IGoM: रक्षा मंत्री ने की उच्च स्तरीय बैठक, कहा- पश्चिम एशिया के हालात अस्थिर, हर स्थिति के लिए तैयार रहें

Sun, 19 Apr 2026 12:51 AM IST
Nirmal Kant पीटीआई, नई दिल्ली।

सार

IGoM: ईरान और अमेरिका-इस्राइल के युद्ध के कारण पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है। दुनिया के अहम जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पर बाधाओं का सीधा असर एशियाई देशों पर देखने को मिल रहा है। ऐसे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंत्रियों के अनौपचारिक समूह की चौथी बैठक की अध्यक्षता की। पढ़िए रिपोर्ट-
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राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री - फोटो : एएनआई/राजनाथ सिंह
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विस्तार
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भारत को पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए हर स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए,  क्योंकि क्षेत्र की मौजूदा स्थिति अस्थिर है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को यह बात कही।  
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मंत्रियों के अनौपचारिक समूह की चौथी बैठक - फोटो : एक्स/राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री ने की बैठक की अध्यक्षता
राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर नजर रखने के लिए बनाए गए मंत्रियों के अनौपचारिक समूह (आईजीओएम) की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत को किसी भी अचानक बढ़ रहे तनाव के लिए तैयार रहना चाहिए।

बैठक में कौन-कौन मौजूद थे?
इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, रसायन और उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा, उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी, विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू, जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और बिजली मंत्री मनोहर लाल शामिल हुए।

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पश्चिम एशिया क्षेत्र की स्थिति अस्थिर: राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्रालय ने कहा, राजनाथ सिंह ने संघर्ष की स्थिति को 'अनिश्चित और अस्थिर' बताया और कहा कि भारत को न केवल तनाव कम होने बल्कि फिर से बढ़ने की स्थिति के लिए भी तैयार रहना चाहिए।

सोशल मीडिया पर रक्षा मंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार इस संघर्ष से पैदा होने वाले किसी भी खतरे या समस्या से निपटने के लिए तेजी और प्रभावी तरीके से काम कर रही है।

मंत्रियों के अनौपचारिक समूह की चौथी बैठक - फोटो : एक्स/राजनाथ सिंह
'भारत मैरिटाइम इंश्योरेंस पूल' बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी
रक्षा मंत्री ने' भारत मैरिटाइम इंश्योरेंस पूल' बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने का भी जिक्र किया, जिसके लिए 12,980 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी दी गई है, ताकि समुद्री बीमा लगातार उपलब्ध रहे। मंत्रालय के अनुसार, इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित होगा कि भारतीय व्यापार को अंतरराष्ट्रीय मार्गों से आने-जाने वाले जहाजों के लिए सस्ता बीमा मिलता रहे, भले ही वे अस्थिर समुद्री क्षेत्रों से गुजरें। राजनाथ सिंह ने कहा कि यह फैसला भारत के आयात-निर्यात को सुरक्षित और स्थिर बनाने में मदद करेगा और व्यापार प्रणाली को और मजबूत बनाएगा।

आपूर्ति बनाए रखने के लिए प्रयास जारी
मंत्रियों के अनौपचारिक समूह की चौथी बैठक (आईजीओएम) को बताया गया कि वैश्विक आपूर्ति में बाधा के बावजूद भारत ने ईंधन का पर्याप्त भंडार बनाए रखा है और आपूर्ति लगातार जारी रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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मंत्रियों के अनौपचारिक समूह की चौथी बैठक - फोटो : एक्स/राजनाथ सिंह
मंत्रालय ने कहा, इस समय भारत के पास कच्चा तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ का भंडार 60 दिनों से अधिक के लिए पर्याप्त है। वहीं, एलएनजी का भंडार लगभग 50 दिन और एलपीजी का भंडार करीब 40 दिन के लिए उपलब्ध है, जिसमें घरेलू उत्पादन का भी योगदान है।

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