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Defence: समुद्री सुरक्षा और अन्य खतरों का मिलकर मुकाबला करेंगे भारत-मलयेशिया, 'ज्वाइंट फोकस ग्रुप' का होगा गठन

Wed, 19 Feb 2025 08:24 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

Defence: भारत और मलयेशिया ने समुद्री सुरक्षा और अन्य खतरों से निपटने के लिए 'ज्वाइंट फोकस ग्रुप' बनाने का निर्णय लिया है। दोनों देशों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को बढ़ाने, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और एआई के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
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भारत और मलेशिया के अधिकारी - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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भारत और मलयेशिया ने घोषणा की कि समुद्री सुरक्षा और अन्य अन्य सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए 'ज्वाइंट फोकस ग्रुप' का गठन किया जाएगा। इसके तहत दोनों देश रक्षा सहयोग को और गहरा करेंगे, खासकर समुद्रीय सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में। रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। 

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कुआलालंपुर में मिडकॉम की 13वीं बैठक
कुआलालंपुर में आज मलयेशिया-भारत रक्षा सहयोग समिति (मिडकॉम) की 13वीं बैठक आयोजित की गई, जिसमें रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और मलयेशिया के रक्षा मंत्रालय के सचिव जनरल लोकमान हाकिम बिन अली ने बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक पर रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा
रक्षा मंत्रालय ने बयान में कहा, बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। इसके अलावा, दोनों देशों ने एक 'ज्वाइंट फोकस ग्रुप' बनाने पर सहमति जताई, जिसका मकसद समुद्री सुरक्षा से जुड़े गैर पारंपरिक खतरों का समाधान किया जाएगा। 
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सुखोई-30 फोरम का भी गठन किया जाएगा
दोनों देशों ने इस बात पर भी सहमति जताई कि भारत-मलयेशिया के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग और बढ़ाया जाएगा और एक सुखोई-30 फोरम का गठन किया जाएगा, ताकि दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच सुखोई-30 विमानों की देखभाल और बेहतर तरीके से सहयोग किया जा सके। 

भारतीय कंपनियों-मलयेशियाई सशस्त्र बल के बीच बढ़ेगा सहयोग
राजेश कुमार सिंह ने भारत के रक्षा उद्योग की क्षमताओं पर प्रकाश डाला और मलयेशिया के साथ साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय कंपनियों और मलयेशिया के सशस्त्र बलों के बीच सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने आसियान की अध्यक्षता संभालने पर भी मलयेशिया को बधाई दी और भारत की ओर से समर्थन का आश्वासन दिया। 

आसियान के लिए समृद्ध दृष्टिकोण को बढ़ावा देने पर सहमति
बैठक के दौरान भारत और मलयेशिया ने आसियान के लिए एक मजबूत, एकजुट और समृद्ध दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए भी सहयोग बढ़ान पर सहमति जताई, जो भारत के हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण का एक अहम हिस्सा है। 

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