भारत में प्राइवेट एयरक्राफ्ट्स का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि चार्टर और प्राइवेट जेट्स को लेकर देश के कई नियम कड़े होने की वजह से उनका उपयोग करने वाले कुछ उलझन भी महसूस करते हैं। सख्त नियमों के चलते इनका उपयोग करने वालों को यात्रा से कई दिनों पहले जरूरी मंजूरियां लेना पड़ता है।
कई बार सरकारी छुटि्टयों के चलते संबंधित विभाग बंद रहते हैं जिससे प्राइवेट जेट और चार्टर जेट का इस्तेमाल करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन्हीं परेशानियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने बीएस भुल्लर की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था, जिसने भारत में रजिस्टर्ड चार्टर और निजी विमानों को देश से बाहर उड़ान भरने की मंजूरी देने की सिफारिश की है।
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टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, एविएशन विभाग ने सुरक्षा और रक्षा मंत्रालय तथा अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ विचार-विमर्श के बाद यह तय किया है कि प्राइवेट और चार्टर जेट विमानों के लिए वाईए नंबर को हटा दिया जाएगा। इससे उन्हें उड़ान भरने में आसानी होगी।
वहीं, बिजनेस एयरक्राफ्ट ऑपरेटर एसोसिएशन (बीएओए) के अध्यक्ष रोहित कपूर ने कहा है कि भारतीय चार्टर उद्योग को इससे काफी राहत मिलेगी।