भारत अगले साल सेना में अपना स्वचालित होइटसर शामिल करेगा। लारसेन एंड टर्बो ने दक्षिण कोरियन कंपनी हंवा टेकविन के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है जिसमें पाकिस्तान पर रक्षा बढ़त बनाए रखने के लिए भारत, दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर तोप बनाएगा।
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लारसेन एंड टर्बो ने शुक्रवार को सेना के 100‘K 9 Vajra T’ होइटसर के ऑर्डर को पूरा करने के लिए कोरियन डिफेंस फर्म के साथ एक अनुबंध की घोषणा की। 4,500 करोड़ रुपए के इस समझौते को सेना की तोपखाना बंदूकों की जरूरतों को पूरा करने के बाद,इन तोपों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
इस मामले में संबंधित अधिकारियों ने बताया कि सबसे पहले पुणे के तलेगांव में इंजीनियरिंग समूह के प्लांट में 10 होइटसर बनाए जाएंगे, जबकि बाकी का निर्माण गुजरात के हजीरा में किया जाएगा।
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एलएंडटी के रक्षा और एयरोस्पेस के प्रमुख जयंत पाटिल ने कहा, हमने एक ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग लाइन की स्थापना शुरू कर दी है। इसमें तोपों का उत्पादन और परीक्षण शामिल होगा।
आपको बता दें कि इसके अलावा भारत और दक्षिण कोरिया ने रक्षा जहाज निर्माण के लिए शुक्रवार को एक अंतर सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर किया था। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस समझौते पर रक्षा उत्पादन सचिव ए.के.गुप्ता और दक्षिण कोरिया के रक्षा खरीद एवं कार्यक्रम प्रशासन मंत्री चांग म्योंग जिन ने हस्ताक्षर किया था।