केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ ही सप्ताह पहले जेनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स कंपनी ने ओमिक्रॉन और उसके उप स्वरूप बीए.1 को लेकर एक अपडेट टीका एमआरएनए तकनीक के जरिये तैयार किया है।
ब्रिटेन के बाद अब भारत ने भी कोरोना टीके का अपडेटेड वर्जन तैयार कर लिया। यह पूरी तरह से ओमिक्रॉन और उसके उप स्वरूप को लेकर बनाया गया है, जिसकी एक खुराक लेने से पर्याप्त एंटीबॉडी विकसित हो सकती हैं। यह कोविशील्ड या फिर कोवाक्सिन की दोनों खुराक लेने वालों के लिए रहेगी।
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दो खुराक का टीकाकरण पूरा होने के चार माह बाद इस अपडेटेड वैक्सीन की एहतियाती खुराक को लिया जा सकता है। कुछ ही समय पहले अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना ने ब्रिटेन में एमआरएनए तकनीक से पहला ओमिक्रॉन आधारित टीका लॉन्च किया था। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ ही सप्ताह पहले जेनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स कंपनी ने ओमिक्रॉन और उसके उप स्वरूप बीए.1 को लेकर एक अपडेट टीका एमआरएनए तकनीक के जरिये तैयार किया है।
बाजार में लाने की मांगी अनुमति
कंपनी ने इस वैक्सीन के उत्पादन और भारतीय बाजार में लाने के लिए अनुमति मांगी है, जिसका प्रस्ताव एसईसी समिति के पास है। एसईसी समिति के एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि कंपनी ने अपने आवेदन में जानकारी दी है कि पहले चरण के तहत 140 लोगों को इस अपडेट वर्जन की खुराक दी गई थी। इसके बाद दूसरे और तीसरे चरण में करीब तीन हजार लोगों पर परीक्षण हुआ है। परीक्षण के परिणामों की समीक्षा चल रही है। कंपनी से टीका देने के 90 दिन बाद की स्थिति को लेकर भी कुछ अहम दस्तावेज मांगे गए हैं। अगली बैठक में इन दस्तावेज की समीक्षा के बाद अनुमति को लेकर फैसला लिया जा सकता है।