कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू में एयरो इंडिया 2025 के तहत रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संबोधित किया है। इस दौरान उन्होंने कहा, भारत ने लंबे समय से शांति, सुरक्षा और विकास के दृष्टिकोण का समर्थन किया है, जो सहयोगात्मक है। रक्षा मंत्री ने आगे कहा, संघर्षों की बढ़ती संख्या ने हमारी दुनिया को और अधिक अप्रत्याशित बना दिया है। रक्षा मंत्री ने इस मौके पर कहा-इसके अलावा, साइबरस्पेस और आउटर स्पेस के आयाम संप्रभुता की स्थापित परिभाषा को चुनौती दे रहे हैं।
'फ्रंट लाइन की परिभाषा आज तेजी से बदल रही है'
एयरो इंडिया 2025 के तहत आयोजित रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत का मानना है कि कमजोर स्थिति से अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और शांति सुनिश्चित नहीं की जा सकती। राजनाथ सिंह ने कहा, भारत का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, शांति को कमजोर स्थिति से सुनिश्चित नहीं किया जा सकता है। रक्षा में अनुसंधान, विकास, नवाचार के लिए वैश्विक केंद्र के रूप में भारत का उभरना हमारी क्षमताओं का प्रमाण है। भारत की रक्षा कूटनीति स्थायी द्विपक्षीय, बहुपक्षीय संबंधों के निर्माण के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
बंगलूरू भारत की सिलिकॉन वैली है- राजनाथ
रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन की शुरुआत में उन्होंने कहा- आपकी उपस्थिति हमारे हितों की समानताओं के साथ-साथ हमारे मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को भी दर्शाती है। दूरियां भले ही हों, लेकिन दोस्त के घर का रास्ता कभी लंबा नहीं होता। इस दौरान रक्षा मंत्री ने कहा, बंगलूरू शहर, जहां हम आज मिल रहे हैं, नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता का केंद्र है, भारत की सिलिकॉन वैली है। उन्होंने कहा- मेरा दृढ़ विश्वास है कि उभरते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में नवोन्मेषी दृष्टिकोण और मजबूत भागीदारी की आवश्यकता है। वैश्विक मंच पर भारत की भागीदारी सभी के लिए सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता का उदाहरण है।
रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने की द्विपक्षीय बैठकें
वहीं केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने बंगलूरू में एयरो इंडिया 2025 के दौरान द्विपक्षीय बैठकों की एक श्रृंखला आयोजित की। ये बैठकें सोमवार को द्विवार्षिक एयरो इंडिया के उद्घाटन दिवस पर हुईं। इसमें इटली के रक्षा राज्य मंत्री मैटेओ पेरेगो डि क्रेमनागो के साथ अपनी बैठक में दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के कई पहलुओं की समीक्षा की। संजय सेठ ने ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स के मंत्री लॉर्ड वर्नोन कोकर से भी मुलाकात की। दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की समीक्षा की और संबंधों को मजबूत करने का संकल्प लिया।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में बोले राजनाथ सिंह
बंगलुरू में ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जब आप कर्नाटक में निवेश करते हैं, तो आप न केवल कर्नाटक के संसाधनों तक पहुंच प्राप्त करते हैं, बल्कि आपके पास कर्नाटक के साथ खड़े पूरे देश की ताकत होती है। उन्होंने कहा कि कई मंजूरी प्राप्त करने की बोझिल प्रक्रिया को एकल-खिड़की प्रणाली में बदल दिया गया है। भारत में हमने उन चुनौतियों का समाधान करने के लिए सक्रिय रूप से काम किया है जिनका निवेशकों को पहले सामना करना पड़ता था। यदि आपको कुशल मानव संसाधनों की आवश्यकता है, तो कर्नाटक अपने अत्यधिक प्रतिभाशाली भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के साथ खड़ा है। कर्नाटक अगली पीढ़ी की बुनियादी सुविधाएं दे रहा है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपकी निवेश आवश्यकताएं क्या हैं, कर्नाटक विकास और सफलता के लिए अच्छी नींव प्रदान करता है।