संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष ने कहा, वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत का नेतृत्व अनुकरणीय रहा है। सात दशकों से, भारत और संयुक्त राष्ट्र ने साथ-साथ यात्रा की है। भारत शांति स्थापना में सैनिकों के सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक है।
भारत यात्रा पर पहुंचे संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष साबा कोरोसी ने सोमवार को कहा, हम यूक्रेन युद्ध की पहली वर्षगांठ के करीब पहुंच रहे हैं। इस युद्ध के कारण लाखों लोगों का विस्थापन हुआ। एक युद्ध जिसने दुनिया भर में ऊर्जा और खाद्य संकट को जन्म दिया है। मैं यूक्रेन और दुनिया भर में शांति के आह्वान के लिए भारत की सराहना करता हूं। इस दौरान 77वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के अध्यक्ष साबा कोरोसी ने विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर से भी मुलाकात की।
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उन्होंने कहा, वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत का नेतृत्व अनुकरणीय रहा है। सात दशकों से, भारत और संयुक्त राष्ट्र ने साथ-साथ यात्रा की है। भारत शांति स्थापना में सैनिकों के सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक है। उन्होंने कहा, मैं 150 से अधिक देशों को टीकों के निर्यात के लिए भारत की उदारता और जी20 की अध्यक्षता के माध्यम से स्थायी सुधार के लिए भारत की सराहना करता हूं।
साबा कोरोसी ने कहा, हमारा उद्देश्य एकजुटता, स्थिरता और विज्ञान के माध्यम से समाधान है। शांति के लिए राष्ट्रों के बीच एकजुटता, समृद्धि और स्थिरता का निर्माण हमारा उद्देश्य है।
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एस जयशंकर ने किया ट्वीट
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मुलाकात के बाद ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। उन्होंने अपने ट्वीट में बताया कि 'महासभा के अध्यक्ष साबा कोरोसी से मुलाकात और उनका स्वागत किया। दोपहर के भोजन के दौरान उन्होंने मोटे अनाज के व्यंजनों को चखा। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यह भी बताया कि इस दौरान उनके बीच वैश्विक चुनौतियों, संयुक्त राष्ट्र में सुधार, यूक्रेन संघर्ष और जी20 एजेंडे पर चर्चा हुई। वार्ता के दौरान उन्हें विकासात्मक प्रगति और बहुपक्षवाद में सुधार के लिए भारत के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।
अपने दौरे के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के अध्यक्ष साबा कोरोसी महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर राजधानी दिल्ली में स्थित राज घाट पहुंचे और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।