फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खनन मंत्रालय का मेगा प्लान: 23 मार्च से शुरू होगा खनिज नीलामी का 7वां चरण, 19 ब्लॉक पर लगेगी बोली

Sun, 22 Mar 2026 03:51 PM IST
राकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पूरी दुनिया अब क्लीन एनर्जी और एडवांस टेक्नोलॉजी की ओर भाग रही है। वैश्विक सप्लाई चेन में हो रही उथल-पुथल को देखते हुए भारत ने अपनी कमर कस ली है।सरकार अब तक खनिजों की नीलामी के छह सफल दौर पूरे कर चुकी है। इन चरणों में अब तक कुल 46 क्रिटिकल खनिज ब्लॉक बेचे जा चुके हैं।
विज्ञापन
खनिजों का खनन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : @ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Critical Minerals Auction: भारत अपनी खनिज और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। केंद्र सरकार 23 मार्च को देश के खनिजों की नीलामी का सातवां चरण लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बार कुल 19 खनिज ब्लॉक्स की बोली लगाई जाएगी। यह सभी ब्लॉक्स अलग-अलग राज्यों में फैले हुए हैं। भारत सरकार ने बोली लगाने वाली कंपनियों को न्यौता दे दिया है। 
विज्ञापन


क्यों खास है यह नीलामी?
बता दें कि पूरी दुनिया अब क्लीन एनर्जी और एडवांस टेक्नोलॉजी की ओर भाग रही है। वैश्विक सप्लाई चेन में हो रही उथल-पुथल को देखते हुए भारत ने अपनी कमर कस ली है। इस नीलामी का मुख्य उद्देश्य लिथियम, ग्रेफाइट, दुर्लभ पृथ्वी तत्व, टंगस्टन, वैनेडियम और टाइटेनियम जैसे खनिजों के लिए आयात पर निर्भरता कम करना है। ये वही खनिज हैं जो स्मार्टफोन की बैटरी से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों तक में 'बैकबोन' का काम करते हैं।

46 ब्लॉक्स का सफल दांव
खनन मंत्रालय के अनुसार, सरकार अब तक खनिजों की नीलामी के छह सफल दौर पूरे कर चुकी है। इन चरणों में अब तक कुल 46 क्रिटिकल खनिज ब्लॉक बेचे जा चुके हैं। इसी बढ़ती रफ्तार को बरकरार रखते हुए सातवें चरण में 19 ब्लॉक्स को माइनिंग लीज पर देने की तैयारी की जा रही है। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल हुआ ब्रिटेन?: होर्मुज के पास उतारी परमाणु पनडुब्बी, क्रूज मिसाइलों से लैस

नीलामी की कमान दिग्गजों के हाथ
नीलामी के दौरान, केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे मौजूद रहेंगे। मंत्रालय का मानना है कि इन खनिजों की उपलब्धता भारत को न केवल तकनीक के क्षेत्र में आगे ले जाएगी,बल्कि रणनीतिक क्षेत्रों में भी देश को मजबूत करेगी।
विज्ञापन


खनन प्रभावित क्षेत्रों का विकास भी साथ-साथ
नीलामी के साथ-साथ सरकार समावेशी विकास पर भी जोर दे रही है। मंत्रालय सोमवार और मंगलवार को राजधानी में 'नेशनल डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन समिट 2026' का आयोजन भी कर रहा है। इसका मकसद उन इलाकों में विकास पहुंचाना है जहां खनन होता है। सरकार का कहना है कि माइनिंग वाले इलाकों को भी उनका हक मिलना चाहिए। बताते चलें कि यह भारत के 'मिशन 2047' और ग्रीन एनर्जी हब बनने के सपने को नई ऊर्जा देने की एक बड़ी कोशिश है।


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें