रूस का रिकॉर्ड तोड़ा
इस बार इसरो ने पृथ्वी की तीन अलग-अलग कक्षाओं में एक ही रॉकेट के जरिए उपग्रहों को लांच करके इतिहास रचा है। इससे पहले 15 फरवरी 2017 को इसरो ने एक साथ सात देशों के 104 उपग्रहों को लांच करके भी विश्व रिकॉर्ड बनाया था। जून 2014 में रूस में एकसाथ 37 उपग्रहों को एकसाथ लांच करके रिकॉर्ड बनाया था, जिसे भारत तोड़ चुका है।
दो साल पहले इसरो ने रचा था इतिहास
15 फरवरी 2017 को इसरो ने एक साथ सबसे ज्यादा सैटेलाइट्स लॉन्च करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। 30 मिनट में एक रॉकेट के जरिए 7 देशों के 104 सैटेलाइट्स एक साथ लॉन्च किए थे। इससे पहले यह रिकॉर्ड रूस के नाम था। उसने 2014 में एक बार में 37 सैटेलाइट्स लॉन्च किए थे।
साल 2015 तक हमने अतंरिक्ष में 51 विदेशी सैटेलाइट्स को लांच किया है। जिनकी सूची इस प्रकार है:
कई मायनों में खास है लांच
इसरो द्वारा सोमवार को लांच किए गए उपग्रह कई मायनों में खास है। पहली बार इसने पृथ्वी की तीन अलग-अलग कक्षाओं में एक ही रॉकेट से उपग्रह स्थापित किए हैं। मुख्य सैटेलाइट एमसैट के साथ 28 विदेशी सैटेलाइट्स को पृथ्वी की दो अलग-अलग कक्षाओं में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया। इसके लिए पहली बार पीएसएलवी रॉकेट के नए संस्करण पीएसएलवी-क्यूएल का इस्तेमाल किया गया जिसमें चार स्ट्रैप-ऑन मोटर्स लगी हुई थीं।
उद्योगों ने निभाई अहम भूमिका
इसरो अध्यक्ष के सिवान ने कहा कि सैटेलाइट लांचिंग में उद्योगों ने काफी अहम भूमिका निभाई है। अभियान में लगभग 95 प्रतिशत हार्डवेयर इसरो के बाहर का इस्तेमाल हुआ है। वहीं सैटेलाइट के 60-70 प्रतिशत पुर्जे इसरो के बाहर से लिए गए हैं।