भारत बुधवार को जी20 ट्रोइका में शामिल हो गया। ट्रोइका के तीन देशों में इंडोनेशिया और इटली के साथ भारत भी रहेगा। ये तीनों देश जी20 के मौजूदा, पूर्ववर्ती व भावी अध्यक्ष हैं।
विदेश मंत्रालय ने बयान जारी बताया कि भारत 1 दिसंबर 2022 को इंडोनेशिया से जी20 का अध्यक्ष पद ग्रहण करेगा। इसके बाद 2023 में पहली बार भारत जी20 देशों की शिखर बैठक आयोजित करेगा।
ट्रोइका का यह है मतलब
जी20 ट्रोइका का मतलब यह है कि हर साल जब एक सदस्य देश अध्यक्ष पद ग्रहण करता है तो वह देश पिछले साल के अध्यक्ष देश और अगले साल के अध्यक्ष देश के साथ समन्वय स्थापित करता है। इस प्रक्रिया को ही ट्रोइका कहा जाता है। यह जी20 समूह के एजेंडे के साथ सामंजस्य व निरंतरता कायम रखने का काम करता है। भारत एक दिसंबर 2021 से लेकर 30 नवंबर 2024 तक जी20 ट्रोइका का हिस्सा रहेगा। विदेश मंत्रालय बयान के अनुसार भारत 1 दिसंबर 2022 को इंडोनेशिया से जी20 की अध्यक्षता ग्रहण करेगा। 2023 में देश में पहली बार जी20 नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
आज इंडोनेशिया बना अध्यक्ष
इंडोनेशिया ने 1 दिसंबर 2021 को जी20 का अध्यक्ष पद ग्रहण कर लिया है। वह सालभर तक विभिन्न जी20 बैठकें आयोजित करेगा। इसका समापन 30-31 अक्टूबर 2022 को जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के साथ होगा।
ये देश हैं जी20 में
जी20 में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, जर्मनी, फ्रांस, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ शामिल हैं।
जी20 की यह है ताकत
जी20 विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों और यूरोपीय संघ को साथ लाता है। इसके सदस्य देशों को विश्व की कुल जीडीपी में 80 फीसदी योगदान है। जबकि विश्व व्यापार में इनका 75 फीसदी और विश्व की कुल आबादी में 60 फीसदी हिस्सेदारी है।