पाकिस्तान की ओर से भेजे गए विदेश सचिव स्तरीय वार्ता के प्रस्ताव पर भारत सरकार ने अपना रुख साफ कर दिया है। विदेश सचिव एस जयशंकर ने पाकिस्तान की ओर से मिले न्योत के जवाब में स्पष्ट किया कि वह इस्लामाबाद आने के लिए तैयार हैं, लेकिन बातचीत का मुद्दा कश्मीर नहीं, सीमा पर आतंकवाद होगा।
पाकिस्तान के विदेश सचिव एजाज चौधरी ने सोमवार को इस्लामाबाद में भारत के हाई कमिश्नर गौतम बंबेवाला को बुलाकर विदेश सचिव एस जयशंकर के लिए एक चिट्ठी दी थी। इस चिट्ठी में जयशंकर को इस्लामाबाद आकर जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर बात करने का न्योता दिया गया था। यही बयान विदेश मामलों पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के सलाहकार सरताज अजीज ने भी दिया था। हालांकि, यह न्योता ऐसे समय पर दिया गया है, जब भारत यह साफ कर चुका है कि कश्मीर पर पाकिस्तान से कोई बात नहीं होगी।
जेटली नहीं करेंगे सार्क सम्मेलन में शिरकत
जेटली ने जताई उम्मीद
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वित्त मंत्री अरुण जेटली इस्लामाबाद में आयोजित होने वाले सार्क सम्मलेन में हिस्सा लेने से पहले ही इनकार कर चुके हैं। स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी ने भी बलूचिस्तान का जिक्र करके पाकिस्तान को बड़ा कूटनीतिक झटका दिया है।
राजनाथ ने सुनाई थी खरी-खरी
गृहमंत्री राजनाथ सिंह
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गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने अगस्त में इस्लामाबाद में आयोजित सार्क सम्मेलन में शिरकत की थी। उन्होंने अपने भाषण में आतंकवाद पर पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाई थी और वहां से बिना भोजन किए लौट आए थे। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सर्वदलीय बैठक में साफ शब्दों में कहा था कि पाकिस्तान से अब जब भी बात होगी तो वह कश्मीर नहीं, बल्कि पीओके यानी पाक अधिकृत कश्मीर को लेकर होगी।