नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (फाइल फोटो)
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नेपाल में कोरोना वायरस के प्रसार के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने वाले प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के बयान को लेकर सूत्रों ने कहा है कि यह गलत और तोड़मरोड़ कर किया गया दावा है। दोनों देशों के बीच कई नागरिकों को लाने और ले जाने की सहमति बनी है। एक बार जब व्यक्ति सीमा पार कर जाता है तो उसे क्वारंटीन में रखना, उसकी कोरोना जांच करवाना और अन्य कार्य उस देश की सरकार की जिम्मेदारी हैं।
सूत्रों ने कहा कि हाल ही में हमने नेपाल में जांच की अपर्याप्त संख्या के चलते कोविड-19 के मामलों में भारी वृद्धि देखी है। कई नेपाली नागरिक पूरी दुनिया से अपने देश लौट रहे हैं। भारत भी यहां मौजूद नेपाली नागरिकों को वापस भेजने की व्यवस्था कर रहा है। ऐसी परिस्थितियों में नेपाल में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के प्रसार के लिए केवल भारत को जिम्मेदार ठहराना चकित करने वाला है।
भारत-नेपाल के बीच सीमा विवाद के बीच ओली ने बीते दिनों अपने देश में कोरोना वायरस के प्रसार के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया था। ओली ने कहा था कि नेपाल में कोरोना वायरस के कुल मामलों में से 85 फीसदी मामले बारत से आए हैं। ओली ने इससे पहले भी कहा था कि नेपाल को चीन और इटली से आने वाले लोगों से कोरोना का इतना खतरा नहीं है, जितना भारत से आने वाले लोगों से है।