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रईसों को रास नहीं आ रहा भारत- जानिए 7000 धनकुबेरों ने क्यों छोड़ा देश

Mon, 05 Feb 2018 08:06 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
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प्लेन - फोटो : demo pics
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लगता है धनकुबेरों को अपना मुल्क रास नहीं आ रहा है। वर्ष 2017 में 7000 धनकुबेर भारत से पलायन कर विदेशों में बस गए। वर्ष 2016 की तुलना में यह आंकड़ा 16 फीसदी ज्यादा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक रईसों के पलायन के मामले में भारत चीन के बाद दूसरे स्थान पर है। भारत दुनिया का छठा सबसे धनवान देश है और उसकी कुल संपत्ति 8230 अरब डॉलर है। देश में 330400 लोग सर्वाधिक अमीर (एचएनडब्ल्यूआई) हैं।
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न्यू वर्ल्ड वेल्थ रिपोर्ट के अनुसार पिछले वर्ष 7000 धनकुबेरों ने भारत छोड़ दिया। 2016 में यह आंकड़ा 6000 था, जबकि 2015 में 4000 रईसों ने भारत को अलविदा कह दिया। रिपोर्ट में हालांकि कहा गया है कि चीन और भारत से अमीरों का पलायन चिंता की बात नहीं है, क्योंकि इन देशों को जितने लोग छोड़ कर चले जाते हैं, उससे ज्यादा हर साल नए अमीर बन जाते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जैसे-जैसे इन मुल्कों का रहन-सहन का स्तर सुधरेगा, उम्मीद है कि ज्यादातर धनकुबेर यहां लौट आएंगे।
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भारतीय अमीरों का पसंदीदा देश अमेरिका

हवाई जहाज - फोटो : Youtube Grab
पलायन के ट्रेंड को देखें तो भारतीयों की पहली पसंद अमेरिका है। उसके बाद संयुक्त अरब अमीरात, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड हैं। मजेदार बात यह है कि चीनियों की भी पहली पसंद अमेरिका ही है। उसके बाद कनाडा और ऑस्ट्रेलिया को वह अपना ठिकाना बनाते हैं। 

दूसरे मुल्कों से पलायन करने वाले धनकुबेर

पूरी दुनिया की बात करें तो रईसों के पलायन के मामले में चीन पहले नंबर पर है। चीन से पिछले साल 10000 लोगों ने पलायन किया। वहीं तुर्की से 6000, ब्रिटेन से 4000 हजार, फ्रांस से 4000 और रूस से 3000 अमीरों ने पलायन किया। अरबपति की परिभाषा में ऐसे लोग शामिल होते हैं, जिनकी कुल निजी संपत्ति एक अरब अमेरिकी डॉलर या उससे ज्यादा है।

हर साल बढ़ रहा है रईसों के मुल्क छोड़ने का ट्रेंड

रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में अरबपतियों के पलायन का ट्रेंड लगातार बढ़ा है। वर्ष 2017 में करीब 95000 अमीर अपने-अपने मुल्कों को छोड़कर दूसरे देशों में बस गए। वहीं 2016 में यह आंकड़ा 82000 था और 2015 में 64000 हजार।
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