अमेरिका के साथ कारोबारी रिश्ते सुधारने और घरेलू उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचाने के इरादे से केंद्र सरकार अमेरिका से बॉर्बन व्हिस्की व कैलिफोर्नियन वाइन पर आयात शुल्क को घटाने पर विचार कर रही है। भारत अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर जारी बातचीत के बीच सरकार वॉशिंगटन के साथ व्यापार अधिशेष को घटाने के लिए कई जरूरी कदम उठाने पर विचार कर रही है। इसमें बॉर्बन व्हिस्की के आयात शुल्क में कटौती भी शामिल है।
बॉर्बन व्हिस्की पर वर्तमान में आयात कर 150 फीसदी के उच्च स्तर पर है, जिसमें 50 फीसदी मूल सीमा शुल्क और अतिरिक्त 50% कृषि बिक्री कर शामिल है। सरकार इस 150 फीसदी को घटाकर 100 फीसदी करने पर मंथन कर रही है। पिछले महीने भारत ने इस खास शराब पर सीमा शुल्क को 150 फीसदी से घटाकर 50 फीसदी किया था। वित्तीय वर्ष 2023-24 में अमेरिकी बॉर्बन व्हिस्की का आयात लगभग 10 लाख डॉलर था। आयात शुल्क में अनुमानित कमी से इन संख्याओं में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे अमेरिकी व्हिस्की उद्योग को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और साथ ही भारत और अमेरिका के बीच संबंध मजबूत होंगे।
इन चीजों पर पहले ही घट चुका है शुल्क
भारत ने 1 फरवरी को पेश बजट में लग्जरी कार, सोलर सेल और मशीनरी जैसी वस्तुओं पर बुनियादी सीमा शुल्क यानी बेसिक कस्टम ड्यूटी पहले ही घटा दी है। इससे उच्चतम आयात शुल्क 150 फीसदी से घटकर 70 फीसदी तो औसत टैरिफ दर 13 फीसदी से घटकर 11 फीसदी से भी कम हो गई। हालांकि, कृषि अवसंरचना विकास उपकर (एआईडीसी) के कारण प्रभावी टैक्स दरों में तत्काल कोई बदलाव नहीं हुआ। सरकार ने आश्वासन दिया है कि जैसे-जैसे व्यापार वार्ता आगे बढ़ेगी, इस अतिरिक्त कर को भी हटाया जाएगा। ब्यूरो
यूएई व्यापार मॉडल अपना सकता है भारत
भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत अमेरिकी एलएनजी पर आयात कर समाप्त करने पर विचार कर रहा है। यह बिलकुल यूएई के साथ व्यापार मॉडल के आधार पर होगा। भारत वर्तमान में एलएनजी पर 2.5% मूल सीमा शुल्क और अतिरिक्त 0.25% सामाजिक कल्याण कर लगाता है, लेकिन द्विपक्षीय समझौतों के तहत संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ऑस्ट्रेलिया से आपूर्ति पर कर नहीं लगाया जाता है। इस मॉडल को अमेरिका के साथ लागू करने पर विचार जारी है।
खरीद बढ़ाने के लिए एलएनजी पर आयात शुल्क हो सकता है खत्म
सरकार खरीद को बढ़ावा देने और अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष को घटाने के लिए अमेरिकी लिक्विड नेचुरल गैस (एलएनजी) पर आयात कर खत्म कर सकती है। सरकारी व उद्योग के सूत्रों के मुताबिक इस मुद्दे को लेकर मंथन जारी है। अमेरिका भारत का एलएनजी का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। पीएम मोदी की पिछले महीने अमेरिका यात्रा के दौरान उन्होंने निकट भविष्य में अमेरिकी ऊर्जा खरीद को 10 अरब डॉलर से बढ़ाकर 25 अरब डॉलर करने का संकल्प लिया।
nसरकारी सूत्र के मुताबिक आयात कर को खत्म करने से अमेरिकी एलएनजी की कीमत अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएगी। अमेरिका के साथ भारत के व्यापार अधिशेष को कम करने में मदद मिलेगी। पिछले साल अधिशेष कुल 45.4 अरब डॉलर था।
दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एलएनजी आयातक है भारत
आंकड़ों को देखें तो भारत दुनिया में चौथा सबसे बड़ा एलएनजी आयातक है। चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में 31 मार्च तक लगभग 14.2 अरब डॉलर मूल्य की 2.59 करोड़ टन एलएनजी का आयात किया। इस वित्त वर्ष में एलएनजी आयात औसतन लगभग 2.7-2.8 करोड़ टन रहने की उम्मीद है, जिसमें अमेरिकी आपूर्ति का हिस्सा 20%-25% है।
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