जापान ने भारत को ‘एशिया का गुरुत्व केंद्र’ बताते हुए चार प्रमुख देशों की मौजूदगी वाले क्वाड समूह की दिशा में भारत से और ज्यादा प्रतिबद्धता दिखाने का आग्रह किया है।
जापान के उप रक्षा मंत्री याशुहिदे नाकायामा ने एक भारतीय समाचार चैनल से बातचीत में क्षेत्र के प्रमुख समुद्री जोन में चीनी सेना के उत्तेजक रवैये से उभरती चुनौतियों को लेकर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा, इन हालात से निपटने के लिए एक जैसी सोच वाले देशों का आपसी सहयोग बढ़ाना बेहद अहम है। नाकायामा ने कहा, जापान, भारत, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया एक लोकतांत्रिक तंत्र और मुक्त व खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र की अहमियत समझते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में चारों देशों का क्वाड समूह ज्यादा मजबूत होकर उभरेगा।
नाकायामा ने कहा, निजी तौर पर मैं भारत की स्थिति समझता हूं और उनसे निजी आग्रह करता हूं कि मुक्त व खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए ज्यादा प्रतिबद्धता दिखाए। हम एक मजबूत भारत चाहते हैं। भारत एशिया का गुरुत्व केंद्र है और बेहद अहम है।
नाकायामा ने कहा, हम भारत को बेहद प्यार करते हैं। चीनी सेना की तरफ से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत के साथ दिखाए जा रहे उत्तेजक रुख के बारे में नाकायामा ने कहा, हम कहना चाहेंगे कि जापान क्षेत्र में दोनों देशों के बीच तनाव घटता हुए देखना पसंद करेगा।
लेकिन उन्होंने साथ ही कहा, मैं जानता हूं कि यह बेहद मुश्किल है। जापान में भी हम लोग चीनी सेना की गतिविधियों से खतरा महूसस कर रहे हैं। ऐसे में निजी रूप से मैं इस मुद्दे पर भारतीय भावना को समझ सकता हूं।
कोरोना वायरस पर जवाब दे चीन और डब्ल्यूएचओ
कोरोना वायरस को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में जापानी उप रक्षा मंत्री ने कहा, चीनी सरकार और साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को विश्व को इसका स्पष्टीकरण देना चाहिए कि दुनियाभर के लोगों के साथ क्या हो रहा है।
हम जानना चाहते हैं कि वायरस के फैलने की शुरुआत वाले असली स्थान पर क्या हुआ था। मेरे हिसाब से चीनी सरकार को इस बारे में अन्य देशों को स्पष्टीकरण देने का प्रयास करना चाहिए।