विदेशी निवेश के इन ताजा रुझानों को देखते हुए हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अर्थशास्त्रियों ने उम्मीद जताई थी कि आने वाले वर्षों के दौरान जहां चीन में विदेशी कंपनियों के निवेश में गिरावट देखने को मिलेगी वहीं भारत में 7 फीसदी की अधिक रफ्तार से निवेश को बढ़ता देखा जा सकेगा।
आईएमएफ ने दावा किया था कि वैश्विक निवेशकों के रुझान में यह बदलाव अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड वॉर के चलते देखने को मिल रहा है। इससे विदेशी निवेशक अब चीन की जगह भारत पर दांव खेलने की तैयारी कर रहे हैं।
हाल में अमेरिका में आईटी क्षेत्र की दिग्गज आईबीएम के प्रमुख 8 सॉफ्टवेयर के अधिग्रहण का ऐलान भारतीय आईटी दिग्गज एचसीएल ने किया है। यह सौदा 1.8 अरब डॉलर यानी करीब 1300 करोड़ रुपये में हो रहा है। वहीं हिंदुस्तान यूनीलीवर (एचयूएल) ने नेस्ले को पछाड़ते हुए इंग्लैंड की फार्मा दिग्गज कंपनी गैल्कसोस्मिथक्लाइ (जीएसके) कंज्यूमर के प्रमुख ब्रांड हॉर्लिक्स का अधिग्रहण किया था।
इस अधिग्रहण के लिए एचयूएल को करीब 32,000 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े। इससे पहले मई में राजस्व के आधार पर दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी वॉलमार्ट ने भारतीय ई-रिटेल दिग्गज फ्लिपकार्ट को खरीद लिया था। इस सौदे को दोनों कंपनियों ने 16 अरब डॉलर यानी करीब एक लाख करोड़ पर किया। वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट की 77 फीसदी हिस्सेदारी ली है।