स्विस सरकार के आर्थिक मामलों के राज्य सचिवालय (एसईसीओ) में प्रचार गतिविधि निदेशालय के प्रमुख मार्टिन सलादिन ने बुधवार को कहा कि स्विट्जरलैंड अब एक रणनीतिक आर्थिक साझेदार के रूप में भारत को देख रहा है, खासकर अमेरिका की ओर से लगाए गए भारी टैरिफ के बाद।
अमेरिकी टैरिफ को लेकर चिंता जताई
अमेरिकी टैरिफ को लेकर सलादिन ने कहा, यह एक चिंता का विषय है। स्विट्जरलैंड पर इस समय 39 फीसदी तक के बहुत ऊंचे टैरिफ लगाए गए हैं। यह निश्चित रूप से एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने आगे कहा, लेकिन यह एक अवसर भी है। क्योंकि हम जो कर रहे हैं या जो हम वर्षों से करते आ रहे हैं, वह है- बाजारों में विविधता लाना। इस रणनीति में भारत हमारे लिए एक बहुत बड़ी प्राथमिकता है।
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अमेरिका ने स्विट्जरलैंड पर लगाए 39% टैरिफ
गौर करने वाली बात यह है कि स्विट्जरलैंड उन देशों में से एक है, जिन पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने सबसे ज्यादा टैरिफ लगाए हैं। अगस्त में 39 फीसदी का टैरिफ लागू किया गया था। यह फैसला उस समय लिया गया, जब स्विट्जरलैंड की राष्ट्रपति कैरिन केलर-सुटर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल वॉशिंगटन डीसी में ट्रंप से मुलाकात के दौरान कोई व्यापार समझौता करने में विफल रहा।
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रेलवे, रोपवे और सुरंग तकनीक में निवेश की जताई इच्छा
सलादिन ने कहा कि स्विट्जरलैंड रेलवे, रोपवे और तकनीक जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ मिलकर काम करना चाहता है। उन्होंने बताया, हमने हाल ही में भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के बीच एफटीए लागू किया है। स्विट्जरलैंड ईएफटीए का हिस्सा है और इस समझौते में काफी रुचि रखता है। इस समझौते के तहत निवेश को लेकर कुछ उद्देश्य तय किए गए हैं और हम उम्मीद करते हैं कि भारत इसमें सहयोग करेगा। भारत को हमसे निवेश को बढ़ावा देने की उम्मीद है। यही वजह है कि हमारी यह 2-3 दिन की यात्रा इस एजेंडे का हिस्सा है।
भारत और ईएफटीए के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता
भारत और ईएफटीए (स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड, लिकटेंस्टीन) के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) पर 10 मार्च 2024 को नई दिल्ली में हस्ताक्षर हुए और एक अक्तूबर 2025 से लागू हुआ। यह भारत की व्यापार नीति का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह समझौता भारत का यूरोप के चार विकसित देशों के साथ पहला एफटीए है। यह 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण और ईएफटीए के विविध, मजबूत साझेदारियों की तलाश का मिलन बिंदु है।