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MEA: 'अरुणाचल भारत का अभिन्न अंग, इस सच को कोई नहीं बदल सकता'; विदेश मंत्रालय ने चीन के दावों पर साफ किया रुख

Tue, 11 Aug 2026 04:48 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अरुणाचल प्रदेश पर चीन की प्रतिक्रिया को लेकर भारत ने अपना रुख स्पष्ट किया। इसके अलावा, भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री रहमान को द्विपक्षीय यात्रा और दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स आउटरीच सत्र के लिए आमंत्रित किया है। अरुणाचल पर चीन को भारत ने क्या कहा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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रणधीर जायसवाल, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश और अरुणाचल प्रदेश से जुड़े दो अहम मुद्दों पर भारत का रुख स्पष्ट किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारतीय दूत दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री रहमान से मुलाकात की। भारत ने उन्हें द्विपक्षीय यात्रा के साथ-साथ दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स आउटरीच सत्र के लिए भी आमंत्रित किया है।

क्या बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को भारत आने का न्योता दिया गया है?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत की ओर से बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को द्विपक्षीय यात्रा के लिए आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा उन्हें दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स आउटरीच सत्र में शामिल होने का न्योता भी दिया गया है। जायसवाल ने कहा कि इस मामले से जुड़ी आगे की जानकारी समय-समय पर साझा की जाएगी।

सीमा शांति सबसे अहम

दिल्ली में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत-चीन सीमा संबंधी मामलों पर भारत का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि सीमा की स्थिति का असर दोनों देशों के व्यापक द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ता है।

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रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने चीन के साथ बातचीत के दौरान हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि सीमा क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखना सर्वोच्च महत्व रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा क्षेत्रों की स्थिति दोनों देशों के व्यापक द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति को दर्शाएगी। भारत ने हाल ही में हुई भारत-चीन सीमा मामलों पर WMCC की 36वीं बैठक में भी यही बात दोहराई।

क्या अरुणाचल प्रदेश पर चीन के रुख को भारत ने फिर खारिज किया?

चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश को लेकर आई प्रतिक्रिया पर पूछे गए सवाल के जवाब में रणधीर जायसवाल ने भारत की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह एक ऐसी वास्तविकता है जो स्वयं स्पष्ट है और इस निर्विवाद सच्चाई को कुछ भी नहीं बदल सकता।
 

पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर पर भारत का रुख

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) की स्थिति पर भारत का रुख दोहराते हुए कहा कि भारत वहां के घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर भारत गंभीर चिंता व्यक्त करता रहा है।

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रणधीर जायसवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन के मामलों पर जवाबदेही तय करने के लिए कदम उठाने चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि भारत इस मुद्दे को लेकर अपनी चिंता पहले भी व्यक्त करता रहा है और आगे भी स्थिति पर नजर बनाए रखेगा।

पड़ोसी देशों से रिश्ते मजबूत करने पर भारत का जोर

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को मजबूत करना चाहता है। इसी दिशा में विदेश सचिव ने भूटान और श्रीलंका का दौरा किया था। जायसवाल ने बताया कि दोनों दौरों से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की गई है। भारत का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में इन देशों के साथ संबंधों और सहयोग को और गहरा करना है। उन्होंने कहा कि विकास साझेदारी इस सहयोग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत भारत अपने आसपास के देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। विकास साझेदारी के अलावा सहयोग के अन्य क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। जायसवाल ने बताया कि भारत ने ब्रिक्स देशों और ब्रिक्स के साझेदार देशों को यहां होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। इसके अलावा क्षेत्रीय समूहों के कई नेताओं को आउटरीच सत्र के लिए भी निमंत्रण भेजा गया है।

क्या ल्युब्लियाना में भारतीय दूतावास में तोड़फोड़ पर भारत ने कड़ा रुख अपनाया?

स्लोवेनिया की राजधानी ल्युब्लियाना में खालिस्तानी चरमपंथियों द्वारा भारतीय दूतावास में तोड़फोड़ किए जाने के मामले पर भी विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने घटना की कड़ी निंदा की है और स्लोवेनिया सरकार के सामने यह मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि वियना कन्वेंशन के तहत राजनयिक परिसरों और राजनयिक गतिविधियों की पूरी तरह सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

भारत ने दिल्ली स्थित स्लोवेनियाई दूतावास के साथ-साथ स्लोवेनिया के विदेश मंत्रालय के सामने भी यह मामला उठाया है। भारत ने घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने और कानून के मुताबिक उचित सजा देने की मांग की है।

क्या पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत अपने हितों को प्राथमिकता देगा?

पश्चिम एशिया संघर्ष से जुड़े हालिया समझौते पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत इस क्षेत्र में जारी घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहा है। जायसवाल ने बताया कि संबंधित समझौते के प्रभावों की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके प्रभावों को भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के नजरिए से भी देखा जा रहा है। भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में सभी जरूरी कदम उठाएगा।

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