फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi: नए कूलिंग प्रौद्योगिकी के लिए देश में 1.6 लाख करोड़ के निवेश का मौके, 2040 तक पैदा होंगे 37 लाख रोजगार

Thu, 01 Dec 2022 06:01 AM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2037 तक ठंडा करने वाले उत्पादों की मांग मौजूदा स्तर से आठ गुना अधिक होगी। इसका मतलब है कि हर 15 सेकंड में नए एयर कंडीशनर की मांग आएगी।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लगातार बढ़ रहे तापमान के बीच स्थानों को ठंडा रखने वाले विकल्पों और ऊर्जा बचाने वाले नए (नवोन्मेषी) प्रौद्योगिकियों के लिए भारत में 2040 तक 1.6 लाख करोड़ डॉलर के निवेश का अवसर है। इससे 37 लाख रोजगार भी पैदा सकते हैं। 
विज्ञापन


विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2037 तक ठंडा करने वाले उत्पादों की मांग मौजूदा स्तर से आठ गुना अधिक होगी। इसका मतलब है कि हर 15 सेकंड में नए एयर कंडीशनर की मांग आएगी। इससे अगले दो दशक में ग्रीनहाउस गैसों का हर साल उत्सर्जन 435 फीसदी तक बढ़ सकता है। विश्व बैंक में निदेशक (भारत) आगस्ते तानो कुआमे का कहना है कि भारत की कूलिंग रणनीति जीवन और आजीविका बचाने में मददगार हो सकती है। कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मदद कर सकती है। साथ ही, भारत को हरित कूलिंग विनिर्माण का वैश्विक केंद्र भी बना सकती है। 

गर्मी की वजह से देश को हर साल अरबों का नुकसान
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में ताजी पैदा होने वाली खाद्य वस्तुओं में सिर्फ चार फीसदी के लिए ही कोल्ड स्टोरेज की सुविधा है। इससे देश में हर साल 13 अरब डॉलर की खाने-पीने की वस्तुएं खराब हो जाती हैं। इसके अलावा, दुनिया के तीसरा सबसे बड़े दवा विनिर्माता भारत में कोरोना का प्रकोप शुरू होने से पहले करीब 20 फीसदी दवा उत्पाद बेकार हो गए, जिन्हें विशेष तापमान में रखने की जरूरत थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


विकल्पों से होंगे ये फायदे...
रिपोर्ट के मुताबिक, ठंडा रखने में सक्षम विकल्पों में निवेश से खाने-पीने की वस्तुओं में 76 फीसदी को खराब होने से बच जाएंगी।
कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन में भी 16%  की कमी आएगी।
सिर्फ कृषि में कोल्ड चेन क्षेत्र में 17 लाख रोजगार पैदा हो सकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें