सार
भारतीय नौसेना का स्वदेशी जहाज आईएनएस निस्तार अपनी पहली विदेशी यात्रा पर सिंगापुर पहुंचा है, जहां वह 15 सितंबर से शुरू हुए बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास ‘पैसिफिक रीच-2025’ में भाग लेगा। इस अभ्यास में 40 से अधिक देश हिस्सा ले रहे हैं। दक्षिण चीन सागर में होने वाला यह अभ्यास दो चरणों में होगा, जिसमें आईएनएस निस्तार अपनी उन्नत समुद्री क्षमताएं प्रदर्शित करेगा।
भारतीय नौसेना का नया स्वदेशी जहाज आईएनएस निस्तार
- फोटो : PIB
भारतीय नौसेना का नया स्वदेशी जहाज आईएनएस निस्तार अपनी पहली विदेश यात्रा पर सोमवार को सिंगापुर पहुंचा। यह 15 सितंबर से शुरू हुए बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास पैसिफिक रीच-2025 में हिस्सा लेगा। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सिंगापुर की मेजबानी में आयोजित होने वाले अभ्यास पैसिफिक रीच में 40 से ज्यादा देश सक्रिय भागीदार या पर्यवेक्षक के रूप में भाग लेंगे। नौसेना के पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग की कमान और नियंत्रण में संचालित आईएनएस निस्तार अभ्यास में अपनी क्षमताएं दिखाएगा, जो दक्षिण चीन सागर में होगा। अभ्यास दो चरणों में होगा।
भारतीय नौसेना का नया स्वदेशी जहाज आईएनएस निस्तार
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बंदरगाह चरण में पनडुब्बी बचाव पर चर्चा
मेडिकल से जुड़े कार्यक्रम और देश आपसी अनुभव साझा करेंगे। समुद्री चरण के दौरान निस्तार और भारतीय नौसेना की टीम दूसरे देशों के साथ मिलकर पनडुब्बी बचाव का अभ्यास करेगी। निस्तार भारत की आत्मनिर्भरता की ओर एक और बड़ा कदम है।
भारतीय नौसेना का नया स्वदेशी जहाज आईएनएस निस्तार
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18 जुलाई को नौसेना में हुआ था शामिल
आईएनएस निस्तार को 18 जुलाई 2025 को विशाखापत्तनम में नौसेना में शामिल किया गया था। इसे 80% से ज्यादा देशी तकनीक से बनाया गया है। इसमें गहरे समुद्र में काम करने वाली मशीनें और पनडुब्बी बचाव वाहन (डीएसआरवी) को साथ ले जाने की क्षमता है। इसकी लंबाई 118.4 और चौड़ाई 22.8 मीटर है। खास बात है कि यह जहाज 60 दिनों तक बिना ईंधन भरे चल सकता है। भारत के पास ऐसे दो डीएसआरवी हैं, जो 650 मीटर गहराई तक जाकर पनडुब्बियों को बचा सकते हैं। इनका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर किसी जहाज पर किया जा सकता या फिर हवाई जहाज से जल्दी से जल्दी दूर समुद्रों में भेजा जा सकता है।