भारत सुरक्षा बलों ने म्यांमार से आ रहे लोगों को रोकने के लिए सीमा पर गश्त बढ़ा दी है। यह कदम सैन्य शासन के आदेश लेने से बचने के लिए कुछ पुलिस अधिकारियों के भारत में आने के बाद उठाया गया है। वहीं, म्यांमार पुलिस के कुछ अधिकारियों के देश में आने के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि हम तथ्यों का पता लगा रहे हैं।
मिजोरम के चमफाई जिले के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी मारिया जुआली ने बताया कि अब हम किसी को अपनी सीमा में नहीं आने दे रहे हैं। सैन्य शासन के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों को दबाने के आदेश का पालन करने के अनिच्छुक कुछ निचले रैंक के पुलिस अधिकारी सीमा पार कर भारत में आए हैं।
इसके बाद गश्त बढ़ाने का फैसला लिया गया। म्यांमार की सेना ने एक फरवरी को लोकतांत्रिक सरकार का तख्तापलट कर दिया। इसके बाद देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों में 50 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।
जुआली ने बताया कि भारतीय जवान और पुलिसकर्मी सीमाओं पर गश्त कर रहे हैं। वहीं पड़ोसी जिले सेरछिप के वरिष्ठ अधिकारी कुमार अभिषेक ने बताया कि एक महिला और एक बच्चे समेत आठ लोग सीमा पार कर आए हैं और हम इनकी देखभाल कर रहे हैं। ऐसा अनुमान है कि अभी कुछ और लोग भी आ सकते हैं। प्रशासन 30 से 40 लोगों के रहने की व्यवस्था कर रहा है।
मिजोरम में शरण लेने वाले म्यांमार के 16 लोेेगों में 11 पुलिसकर्मी
म्यांमार में तख्तापलट के बाद सीमा पार कर मिजोरम में शरण लेने वाले 16 लोगों में 11 पुलिसकर्मी हैं जिनमें एक महिला भी शामिल है। दो पुलिसकर्मी अपनी पत्नी व बच्चों के साथ सीमा पार कर आए थे।
एक अधिकारी ने बताया कि मौजूदा हालात को देखते हुए संभव है कि आने वाले समय में और अधिक लोग चुपके से अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार कर भारत में शरण लेंगे। वहीं राज्य सरकार ने भी शरणार्थियों के संकट से उबरने के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय मदद मांगी है। मुख्यमंत्री जोरामथांगा ने कहा कि उनकी सरकार म्यांमार से आए शरणार्थियों की मदद करेगी।