देश में ओद्यौगिक इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने और रोजगार पैदा करने की दिशा में भारत सराकार और उसकी प्रमोशन एजेंसी ने देश व विदेश की कई बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों से बात कर रही है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के मुताबिक भारत ने देश में निवेश करने के लिए करीब 300 जानी-मानी कंपनियों से बात कर रही है। ये कंपनियां भारत में करीब 4 लाख करोड़ से अधिक का निवेश कर सकती हैं।
इन तीन सौ कंपनियों में से भारत और विदेशी कंपनियां शामिल हैं। उम्मीद की जा रही है कि इन कंपनियों के भारत में निवेश करने सक करीब 17 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी जिससे देश में बेरोजगारी को कम करने में मदद मिलेगी।
सूत्रों के मुताबिक चीन की कुछ कंपनियों ने लगभग 32 बिलियन डॉलर निवेश करने का प्रस्ताव दिया है। सूची में प्रमुख कंपनियों की बात की जाए तो सान्य कंपनी पवन ऊर्जा में करीब 10 बिलियन डॉलर का निवेश कर सकती है।
इस सूची में रियल इस्टेट और कंस्ट्रक्शन के कारोबार से जुड़ा डालियान वांडा ग्रुप भी शामिल है। कंपनी और हरियाणा सरकार के बीच वार्ता हुई जिसमें कि राज्य में करीब 5 बिलियन डॉलर निवेश करने की बात हुई है।
वहीं SAIC की हलोल प्लांट, लिफान मोटर्स और फोसुन फार्मा को टेकओवर करने के बारे में भी बात हुई। जल्द ही इसे टेकओवर कर लिया जाएगा। भारत के करीब 70 ऐसे प्रोजेक्ट हैं जिन्हें मध्यम वर्ग की कपंनियां संचालित कर रही हैं। करीब 3 अरब डॉलर का निवेश किया गया है उम्मीद है कि करीब 3 लाख नौकरियां पैदा होनी की उम्मीद है।