Rajya Sabha: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि भारत के पास भविष्य में होने वाली महामारियों से निपटने के लिए एक ठोस प्रणाली है, जिसमें राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) और तत्काल प्रतिक्रिया दल (RRT) जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मंगलवार को कहा कि भारत के पास भविष्य में होने वाले महामारी और स्वास्थ्य आपातकाल से निपटने के लिए एक मजबूत प्रणाली है। राज्यसभा में पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए नड्डा ने बीते दस वर्षों में स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला।
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नड्डा ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व भारत ने साबित कर दिया है कि हमारे पास भविष्य में आने वाले किसी भी महामारी से निपटने की एक ठोस प्रणाली है।' भारत की क्षमताओं का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देश के पास महामारी की निगरानी और जांच के लिए राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र है। उन्होंने कहा, 'यह शीर्ष निकाय रोगों और उनके उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) और वायरस के नए रूपों (वैरिएंट) की निगरानी करता है।'
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एनसीडीसी के तहत भारत के पास एक एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) है। नड्डा ने कहा, हमारे पास तत्काल प्रतिक्रिया दल (आरआरटी) है, जो राज्यों में उपलब्ध है। हमारे पास स्वास्थ्य नियंत्रण और रोकथाम के लिए कई विशेषज्ञों के दल हैं। इसके अलावा, हमारे पास एक एकीकृत स्वास्थ्य जानकारी मंच भी है, जिसमें डाटा, विश्लेषण करने वाले उपकरण उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा, हम सभी उभरती हुई महामारियों के बारे में रियल टाइम रिपोर्ट प्रदान करते हैं। भारत में डेढ़ सौ प्रयोगशालाओं वाला भारतीय आयर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईसीएमआर) है और पुणे में विश्व स्तरीय राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान है।
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नड्डा ने कहा, हमारे पास एक बहुत मजबूत प्रणाली है, जो महामारी या महामारी के खतरे के समय पुष्टि करती है कि कौन सा म्यूटेशन हो रहा है, किस प्रकार का उपचार दिया जाना चाहिए और कौन सी दवाइयां दी जानी चाहिए। मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने एक कदम आगे बढ़ते हुए नेशनल वन हेल्थ मिशन शुरू किया है।