एडमिरल करमबीर सिंह (फाइल फोटो)
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नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने कहा कि भारत के पास हिंद महासागर क्षेत्र (ओआईआर) में ड्रोन, आईटी सक्षम सेवाएं और युद्धपोतों का रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल सेवाएं निर्यात करने का मौका है। उन्होंने गश्ती जहाजों के निर्माण के लिए भारत व अन्य देशों के बीच साझेदारी मॉडल विकसित करने का सुझाव दिया।
एडमिरल सिंह ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में कहा, युद्धपोतों को समय समय पर रखरखाव व मरम्मत की जरूरत होती है। अगर इसके लिए उन्हें वापस बंदरगाहों पर लाया जाता है तो इसमें काफी पैसा और समय खर्च होता है। ओआईआर में हर समय गतिविधियां होती रहती हैं क्योंकि 40 देशों के करीब 70 युद्धपोत चलते हैं। इनमें से कई अपने देशों के बहुत दूर होते हैं।
भारत के पास क्षेत्र में बड़ी संख्या में शिपयार्ड हैं, ऐसे में सवाल सिर्फ एक ही है कि कैसे इन्हें पूरी तरह विकसित किया जाए और युद्धपोत मरम्मत क्षमता में विविधता लाई जाए। आईटी क्षेत्र में भारत की मजबूत स्थिति है और ओआईआर में आईटी व आईटी सक्षम सेवाओं के निर्यात के अवसर को तलाशना चाहिए।