देश ही नहीं दुनिया भर के बच्चों के लिए हिंसा और शिक्षा बड़ी चिंता का विषय है। यूनिसेफ बाल विकास और सुरक्षा को लेकर बड़ा काम कर रहा है। पिछले दिनों यूनिसेफ ने भारत सहित दुनियाभर के 13 से अधिक देशों में बच्चों पर ऑनलाइन का सर्वे किया जिसमें शामिल बच्चों ने ये माना उन्हें हमेशा हिंसा का डर बना रहता है।
बाल विकास के मामले में पिछले दस वर्षों में भारत ने जबरदस्त विकास किया है। अब जरूरत है बच्चों से जुड़ी मुश्किलों से निपटने के लिए प्राइवेट सेक्टर सामने आए और सरकार के साथ मिलकर काम करें। यूनिसेफ के डिप्टी एग्जक्यूटिव डायरेक्टर जस्टिन फोरसिथ का। जस्टिन ने ये बातें मीडिया से मुलाकात के दौरान कहीं। जस्टिन ने कहा कि सिर्फ भारत ही नहीं दुनियाभर के बच्चे चाहते हैं कि उनके ताकतवर नेता पहले आतंकवाद, फिर गरीबी, शिक्षा और महिला की सुरक्षा के लिए काम करें।
पढ़ें: विश्व बाल दिवस विशेष: भारत के 96 फीसदी बच्चे बाल हिंसा से चिंतित, मौका मिला तो दुनिया बदलेंगे
भारत के विकास कार्यों ने जस्टिन काफी खुश नजर आए और उन्होंने कहा कि भारत दुनिया भर के लिए मॉडल फॉर डेवल्पमेंट साबित हो सकता है। भारत के विकास से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि बाल विकास सहित कई मामलों मे भारत तेजी से विकास कर रहा है, एक दशक में पांच वर्ष के कम आयु के बच्चों के मरने की संख्या में 67 फीसदी की गिरावट देखी गई है, जो बताती है कि भारत स्वास्थ्य मामलों में और चाइल्ड मोरटैलिटी के मामले में तेजी से काम कर रहा है।
भारत में गरीबी रेखा से नीचे जी रहे लोगों में भी कमी आई है
unicef
- फोटो : amar ujala
फोरसिथ ने ये भी कहा कि भारत में गरीबी रेखा से नीचे जी रहे लोगों में भी कमी आई है। एक दशक के भीतर गरीबी रेखा से नीचे जीने वाले लोगों में 15 से 25 फीसदी लोग घटे हैं।
भारत दौरे की बात करते हुए फोरसिथ काफी खुश हुए,उन्होंने इस दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्रालय मेनका गांधी और झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास सहित निजी कंपनियों के कई अधिकारियों से भी मिले।
यह पूछने पर कि भारत दौरे के दौरान उन्हें किन क्षेत्रों और राज्यों में काम किए जाने की जरूरत महसूस कर रहे हैं- फोरसिथ ने कहा कि पिछले दिनों वो झारखंड गए थे, वहां वो बच्चों से मिले और महसूस किया कि जात-पात के कारण कई बच्चे पीछे रह गए हैं य़ा फिर इसकी बहुत बड़ी वजह कई ईलाकों में संसाधनों की कमी भी है।
वहीं भारत में यूनिसेफ की अधिकारी यास्मिन अली हक ने कहा कि बच्चे बहुत तेजी से आगे आ रहे हैं। देश के बच्चे स्वच्छ भारत अभियान में बड़ा अहम रोल निभा रहे हैं। लेकिन फोरसिथ और हक ने माना कि भारत की बड़ी समस्या चाइल्ड मैरिज है और भारत को इस मामले में जापान से सीखने की जरूरत है।
जापान के रिमोट एरिया में बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए सरकार कई तरह के कदम उठा रही है। वहां विधायक अपने क्षेत्र में बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता फैलाने में जुटे हैं। लेकिन सोशल मीडिया का समाज में पड़ रहे प्रभाव के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऑनलाइन चाइल्ड पोर्नोग्राफी और चाइल्ड ट्रैफिकिंग दुनियाभर में समाज को दूषित कर रही है। फोरसिथ ने बताया कि चाइल्ड ट्रैफिकिंग में अब अपराधी इ ट्रांजेक्शन का उपयोग कर रहे हैं। तो ये कहा जा सकता है कि अगर तकनीक और सोशल मीडिया सफेद पहलू है तो उसका दूसरा काला स्याह चेहरा भी है।