भारत लगातार डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। भारतीय चिकित्सा परिषद के द्ववारा दी गई जानकारी के मुताबिक भारत में 1,000 की आबादी पर डॉक्टरों की संख्या एक से कम है। यह संख्या विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक से कम है।
इस जानकारी के बारें में लोकसभा में शुक्रवार को स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया है। उनके मुताबिक इस साल 31 मार्च को राज्य चिकित्सा परिषदों में पंजीकृत एलोपैथिक डॉक्टर की संख्या 10,22,859 थी। प्रश्नोतर काल के दौरान उन्होंने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक अभी करीब 80 फीसदी डॉक्टर मौजूद हैं और अभी लगभग 8.18 लाख डॉक्टर सेवा के लिए उपलब्ध हैं।
भारत में एक हजार की आबादी पर डॉक्टरों की संख्या का अनुपात 0.62:1000 है। मालूम हो कि डब्ल्यूएचओ एक हजार की आबादी पर एक डॉक्टर का मानक तय करता है। कुछ अन्य देशों में डॉक्टर-जनसंख्या का अनुपात: ऑस्ट्रेलिया - 3.374: 1000, ब्राजील - 1.852: 1000, चीन - 1.49: 1000, फ्रांस - 3.227: 1000, जर्मनी - 4.125: 1000, रूस - 3.306: 1000, यूएसए - 2.554: 1000, अफगानिस्तान - 0.304: 1000, बांग्लादेश - 0.3 9 8: 1000, पाकिस्तान - 0.806: 1000 है।
उन्होंने कहा कि सरकार का जोर डॉक्टर की संख्या को आबादी के अनुपात में सुधार करना था। उन्होंने आगे बताया कि देश में 479 मेडिकल कॉलेज हैं जिनमें 67,218 एमबीबीएस सीटों की संख्या है। पिछले तीन सालों में 12,870 एमबीबीएस सीटें बढ़ाई गई हैं।