भारत भले ही हेल्थ टूरिज्म का सेंटर बनता जा रहा हो और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पूरी दुनिया में चर्चा पा रहा हो। पर सच यही है कि भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की भारी कमीं है। हालात इतने खराब हैं कि 1 करोड़ की आबादी के लिए सिर्फ 100 एनीस्थीसिया सर्जन हैं।
डब्ल्यूएफएसए की स्टडी के मुताबिक भारत की 1 अरब 30करोड़ की आबादी के लिए सिर्फ 8लाख 83 हजार 812 फिजीशियन हैं। इसमें से सिर्फ 16500 ही एनीस्थीसिया दे सकते हैं। खास बात ये है कि पूरी आबाजी के लिए सिर्फ 31, 580 सर्जन हैं, उनमें से भी महज 12 हजार के पास ही एनीस्थीसिया से संबंधित जरूरी प्रशिक्षण है।
वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ सोसाइटीज ऑफ एनीस्थीसियोलॉजिस्ट(डब्ल्यूएफएसए) ने ऑनलाइन रिसोर्स मैपिंग टूल लांच किया है, जिसमें पूरी दुनिया के एनीस्थीनिया प्रोवाइडर्स की जानकारी है।
स्विट्जरलैंड के जेनेवा में इस संगठन द्वारा आंकड़े जारी किए गए।