जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान ने दूसरी बार राजनयिक पहुंच की मंजूरी दी है। विदेश कार्यालय की ओर से कहा गया कि पाकिस्तान ने मौत की सजा का सामना कर रहे कुलभूषण जाधव को दूसरा राजनयिक संपर्क मुहैया कराया गया है। पाक मीडिया के हवाले से ये खबर आई है।
विदेश कार्यालय ने कहा कि इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के दो अधिकारियों को जाधव से संपर्क के लिए निर्बाध राजनयिक पहुंच मुहैया कराई गई।
भारत का बयान
भारत ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि अभी वह इस पर कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि हमने अपने अधिकारियों को कुलभूषण जाधव से मिलने के लिए भेजा है। एक बार वह अपनी रिपोर्ट दे दें, उसके बाद ही हम कुछ कह पाएंगे।
इससे पहले भारत ने पाकिस्तान से कहा कि वो बिना किसी शर्त के जेल में कैद भारतीय नागरिक और पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव से बातचीत करने का मौका दे। यह जानकारी सूत्रों द्वारा दी गई थी। इससे पहले भारत ने कहा था कि वो इस मामले में कानूनी विकल्पों को टटोल रहा है।
दरअसल, पाकिस्तान ने दावा किया था कि सैन्य अदालत से मौत की सजा पाए जाधव ने पुनर्विचार याचिका दायर करने से इनकार कर दिया है। हालांकि भारत के सख्त रुख के बाद पाकिस्तान पलट गया था। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जाधव को मौत की सजा के खिलाफ अपील करने की इजाजत दे दी है।
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बिना शर्त मिलनी चाहिए राजनयिक पहुंच: अरविंद सिंह
कुलभूषण जाधव के बचपन के दोस्त अरविंद सिंह ने कहा, 'पिछली बार उन्होंने जो किया वह उनकी मां, पिता और पत्नी के लिए अपमानजनक था और यह संपूर्ण रूप से भारत के लिए भी अपमानजनक था। इसलिए हम चाहते हैं कि राजनयिक पहुंच बिना शर्त के होनी चाहिए।'
मामले में अब तक क्या हुआ
कुलभूषण जाधव 2016 से पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। पाकिस्तान आरोप लगाता है कि जाधव एक जासूस हैं। हालांकि भारत कई बार इस दावे को नकार चुका है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने तीन मार्च 2016 को जासूसी और आतंकवाद के आरोप में बलूचिस्तान से जाधव को गिरफ्तार किया था। भारत ने अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) में 2017 को इस मुद्दे को उठाया था। पिछले साल जुलाई में अदालत ने पाकिस्तान से कहा था कि वो कुलभूषण जाधव को राजनयिक पहुंच दे और फांसी की सजा पर दोबारा विचार करे।