संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, 2018 में अफगानिस्तान में तालिबान द्वारा अगवा किए गए तीन भारतीय इंजीनियरों को 11 आतंकवादियों की रिहाई के बदले छोड़ दिया गया था। इन आतंकियों में संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्वीकृत एक कमांडर भी शामिल था।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की विश्लेषणात्मक सहायता और प्रतिबंधों की निगरानी करने वाली टीम की रिपोर्ट में कहा गया है कि अक्टूबर 2019 में, 11 तालिबान को अफगानिस्तान में अपहरण किए गए तीन भारतीय इंजीनियरों के बदले में बगराम एयरफ़ील्ड डिटेंशन सेंटर से रिहा किया गया था।'
इंजीनियरो को अफगान सरकार द्वारा चलाए जा रहे बिजली परियोजनाओं पर काम करने के दौरान अगवा किया गया था। पिछले साल तीन इंजीनियरों की रिहाई के समय, भारत सरकार ने यह बताने से इनकार कर दिया था कि उन्हें कैसे मुक्त किया गया था।