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भारत ने मालदीव को सौंपा डॉर्नियर विमान, चीनी जहाजों की घुसपैठ पर नजर रखने में मिलेगी मदद

Tue, 29 Sep 2020 06:52 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Dornier arrives at Maldives - फोटो : Twitter@High Commission of India and Maldives
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भारत ने मंगलवार को पड़ोसी देश मालदीव को डॉर्नियर विमान सौंप दिया है। इस विमान को मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स (एमएनडीएफ) को प्रदान किया गया। यह डॉर्नियर हिंद महासागर में चीनी जहाजों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी बनाए रखेगा। बता दें कि इन विमानों को लेकर भारत और मालदीव के बीच 2016 में गवर्मेंट-टू-गवर्मेंट डील की गई थी।

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इस विमान को मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स के पायलट उड़ाएंगे, वहीं इसके उड़ान का खर्च भारत सरकार उठाएगी। इसकी मदद से भारत और मालदीव दोनों देश मिलकर हिंद महासागर की स्पेशल इकोनॉमिक जोन पर निगरानी रख सकेगा।

मालदीव के पायलटों और कर्मियों को ट्रेनिंग दे रहा भारत
भारतीय नौसेना पहले से डॉर्नियर को संचालित करने के लिए पायलट, एयर ऑब्जर्वर और इंजीनियरों सहित मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स के सात कर्मियों को ट्रेनिंग दे रही है। यह विमान न केवल चीन की गतिविधियों  पर निगरानी करेगा बल्कि गैरकानूनी तौर पर मछली पकड़ने और ड्रग तस्करी पर भी नजर रखेेगा।
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प्रत्यक्षदर्शी व्यक्ति 15 अप्रैल को मध्य मालदीव के महिबाधू द्वीप के बंदरगाह पर हुए हमलों का जिक्र कर रहा था जिसमें चार स्पीडबोट, एक समुद्री एम्बुलेंस और दो डिंगियों में आग लगा दी गई थी। बता दें कि पड़ोशी देश मालदीव कई छोटे-छोटे द्वीपों से मिलकर बना है। ऐसे में डॉर्नियर विमानों के द्वारा उसके सभी क्षेत्रों की आसानी से निगरानी हो सकेगी।

माले स्थित भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट कर दी जानकारी
माले स्थित भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट करते हुए कहा कि ''2016 में सरकार द्वारा किए गए समझौते और चर्चाओं के अनुसार यह डोर्नियर मालदीव को सौंपा गया है। यह मानवीय राहत प्रयासों के काम में उपयोग होगा और संयुक्त-ईईजेड निगरानी में संलग्न होगा। यह इसके संचालन में मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स के पायलट शामिल होंगे।''
 

भारत सरकार मालदीव के साथ कर रही है जानकारी साझा
हाल ही में ईईजेड निगरानी अभियान के दौरान, मालदीव के समुद्र में अवैध रूप से मछली पकड़ने वाले तस्कर को पकड़ा गया था। गौरतलब है कि अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए भारत सरकार नियमित रूप से डॉर्नियर विमानों की मदद से मालदीव की सरकार के साथ जानकारी साझा कर रही है।

वर्तमान में डोर्नियर चिकित्सा अभियानों में मदद करेगा। इससे पहले भी इस तरह के अभियानों के द्वारा 250 से अधिक मालदीवियों की जान बचाई जा चुकी है। द्वीप देश में नवंबर 2018 में इब्राहीम मोहम्मद सालेह के राष्ट्रपति बनने के बाद भारत और मालदीव के संबंध फिर से पटरी पर आ गए थे।

यामीन के शासनकाल के दौरान दोनों देशों के बीच संबंध बिगड़ गए थे क्योंकि उन्हें चीन का करीबी माना जाता था। चुनाव में यामीन को हराने के बाद सालेह मालदीव के राष्ट्रपति बने थे।
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