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हवा में ही होगा ड्रोन का अंत: क्या है 'भार्गवास्त्र'? कैसे 5,000 मीटर की ऊंचाई तक करेगा दुश्मन का सफाया

Sat, 25 Jul 2026 06:59 AM IST
प्रशांत तिवारी अमर उजाला ब्यूरो

सार

भारत ने ड्रोन खतरों से निपटने के लिए स्वदेशी काउंटर स्वार्म ड्रोन सिस्टम 'भार्गवास्त्र' विकसित किया है। यह हार्ड-किल तकनीक के जरिए ड्रोन स्वार्म, हथियारबंद ड्रोन और आत्मघाती ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर सकता है। यह 10 सेकंड में 64 माइक्रो-रॉकेट्स दागने और 10 किलोमीटर दूर से छोटे ड्रोन का पता लगाने में सक्षम है। यह प्रणाली 5,000 मीटर तक की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी प्रभावी ढंग से काम करेगी।
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भार्गवास्त्र का परीक्षण - फोटो : एएनआई वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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देश का पहला स्वदेशी काउंटर स्वार्म ड्रोन सिस्टम 'भार्गवास्त्र' रेगिस्तान, मैदानी इलाकों और समुद्र तल से 5,000 मीटर तक की ऊंचाई पर भी दुश्मनों के ड्रोन का काल बनेगा। बढ़ते ड्रोन खतरे को देखते हुए विकसित यह प्रणाली ड्रोन स्वार्म (एक साथ हमला करने वाले ड्रोन का झुंड), हथियारबंद ड्रोन और लॉइटरिंग म्यूनिशंस (आत्मघाती ड्रोन) को हवा में ही नष्ट करने में सक्षम है। इसे भारतीय रक्षा कंपनी सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (एसडीएएल) ने विकसित किया है। कंपनी ने शुक्रवार को नागपुर में भारतीय सेना के समक्ष इसका सफल प्रदर्शन किया।

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भार्गवास्त्र की सबसे बड़ी ताकत क्या है?
यह प्रणाली केवल दुश्मन के ड्रोन के सिग्नल को जाम नहीं करती, बल्कि हार्ड-किल मोड में उन्हें हवा में ही भौतिक रूप से नष्ट कर देती है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह मात्र 10 सेकंड में 64 माइक्रो-रॉकेट्स/मिसाइलें दाग सकती है। इससे दुश्मन के पूरे ड्रोन झुंड को एक साथ निशाना बनाकर खत्म किया जा सकता है।

दुश्मन के ड्रोन कितनी दूर से पकड़ लेगा भार्गवास्त्र?
भार्गवास्त्र में अत्याधुनिक सेंसर और उन्नत रडार लगाए गए हैं, जो 10 किलोमीटर की दूरी से भी छोटे आकार के ड्रोन का पता लगाने में सक्षम हैं। समय रहते लक्ष्य की पहचान कर यह प्रणाली तुरंत जवाबी कार्रवाई कर सकती है।
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क्या ऊंचे इलाकों में भी उतना ही प्रभावी रहेगा?
यह स्वदेशी प्रणाली रेगिस्तान, मैदानी क्षेत्रों और समुद्र तल से 5,000 मीटर तक की ऊंचाई वाले इलाकों में प्रभावी ढंग से काम कर सकती है। ऐसे में सीमावर्ती और पहाड़ी क्षेत्रों में भारतीय सेना की ड्रोन-रोधी क्षमता को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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