पहला स्वदेशी विमानवाहक युद्धपोत विक्रांत साल 2021 तक भारतीय नौसेना में शामिल किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक विक्रांत में तीसरे चरण का कार्य चल रहा है। इस चरण में मशीनरी के सेटअप और अन्य उपकरणों को लगाने जैसे बिजली उत्पादन और प्रोपल्शन मशीनरी का काम चल रहा है। इसका निर्माण कोच्चि स्थित कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) में हो रहा है।
सूत्रों ने कहा कि तीसरे चरण का निर्माण बंदरगाह और समुद्री परीक्षणों की स्वीकृति मिलने तक चलेगा। इसके बाद विमानन परीक्षण में एक साल का समय लग सकता है। नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने 3 दिसंबर को कहा था कि विक्रांत 2022 से पूरी तरह से अभियानों के लिए तैयार हो जाएगा।
इसमें मिग-29के विमानों का बेड़ा होगा। अधिकारियों ने बताया कि गणतंत्र दिवस के दिन राजपथ पर होने वाली परेड के दौरान नौसेना की झांकी में मिग-29के विमानों के साथ विक्रांत को प्रदर्शित किया जाएगा।