पीएम मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति स्टब के बीच फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने यूक्रेन संकट के शांतिपूर्ण समाधान पर चर्चा की। इसके साथ ही दोनो नेताओं ने भारत-फिनलैंड संबंधों को 6G, AI, साइबर सुरक्षा और विकास जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इस दौरान पीएम मोदी ने फिनलैंड के राष्ट्रपति को भारत आने का न्योता भी दिया।
यूक्रेन संघर्ष समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के बीच फोन पर बातचीत हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और फिनलैंड के बीच व्यापार और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। साथ ही दोनों नेताओं ने अमेरिका के वॉशिंगटन में हाल ही में हुई उस बैठक पर चर्चा की, जिसमें यूरोप, अमेरिका और यूक्रेन के नेताओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध के समाधान को लेकर विचार किया गया। इस बातचीत में पीएम मोदी ने दोहराया कि भारत हमेशा से इस युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान और जल्दी शांति बहाल करने के पक्ष में रहा है। वहीं, राष्ट्रपति स्टब ने कहा कि फिनलैंड चाहता है कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) जल्दी हो जाए, जिससे दोनों पक्षों को फायदा होगा।
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तकनीक और व्यापार में बढ़ेगा सहयोग
इसके साथ ही बातचीत में दोनों नेताओं ने भारत-फिनलैंड के आपसी संबंधों की समीक्षा की और दोनों देशों ने आगे सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। खासकर नए क्षेत्रों जैसे क्वांटम टेक्नोलॉजी, 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सुरक्षा और टिकाऊ विकास (सस्टेनेबिलिटी) में मिलकर काम करने की बात हुई।
वहीं फिनलैंड के राष्ट्रपति ने भारत में 2026 में होने वाले एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन के लिए समर्थन जताया, जो भारत और फिनलैंड के बीच मजबूत तकनीकी साझेदारी को दर्शाता है। इसके लिए पीएम मोदी ने राष्ट्रपति स्टब को भारत आने का न्योता भी दिया।
गौरतलब हौ कि बातचीत के बाद दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अपनी बात साझा की। पीएम मोदी ने कहा कि फिनलैंड एक अहम साझेदार है और दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और शांति पर अच्छी बातचीत हुई। वहीं राष्ट्रपति स्टब ने भी कहा कि भारत की बात दुनिया भर में सुनी और मानी जाती है और दोनों देशों के संबंध आगे और गहरे होंगे।