भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत का एक महत्वपूर्ण नया दौर सोमवार को नई दिल्ली में शुरू हो गया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वार्ता से पहले ईयू के व्यापार और आर्थिक सुरक्षा कमिश्नर मारोस सेफकोविक से मुलाकात की। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात को खुशी भरा बताते हुए विश्वास जताया कि कमिश्नर और उनकी टीम की भारत में चर्चाएं निर्णायक साबित होंगी।
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि भारत और यूरोपीय संघ की टीमें प्रस्तावित एफटीए पर मंगलवार को भी चर्चा करेंगी। 2022 में एक लंबे अंतराल के बाद इन वार्ताओं को दोबारा शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य भारत-ईयू आर्थिक संबंधों को गहरा करना है। भारत में ईयू के राजदूत हर्वे डेल्फिन ने पिछले सप्ताह इस दौर की चर्चाओं को यूरोपीय संघ-भारत एफटीए वार्ता 2.0 बताया था। उन्होंने कहा कि यह अब एक दशक पुरानी बातचीत की निरंतरता नहीं है, बल्कि दोनों पक्षों के बीच साझी आवश्यकता और पूरकता की बढ़ती भावना पर आधारित है।
डेल्फिन ने जोर दिया कि वैश्विक व्यापार तनाव और टैरिफ युद्धों के चलते इस नियम-आधारित समझौते की तात्कालिकता बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि भारत और ईयू मिलकर विश्व के 25% जीडीपी और 25% आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए यह समझौता अर्थव्यवस्था को जोखिम-मुक्त (de-risking) करने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि एफटीए को इस साल के अंत तक पूरा करने के लिए मजबूत राजनीतिक प्रतिबद्धता है और अब पारंपरिक राउंड के बजाय सतत बातचीत का तरीका अपनाया जा रहा है।