विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार (25 जनवरी) को उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व के बीच शिखर वार्ता दोनों देशों के संबंधों में एक 'नया अध्याय' शुरू करेगी। जयशंकर ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात के बाद ये टिप्पणियां कीं। जयशंकर ने दिल्ली में यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कल्लास से भी मुलाकात की है।
गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि
जयशंकर ने पोस्ट कर दी जानकारी
दोनों पक्षों द्वारा ट्रंप प्रशासन की आर्थिक और सुरक्षा नीतियों के कारण उत्पन्न व्यवधानों पर विचार-विमर्श करने के अलावा, समग्र संबंधों को व्यापक बनाने के लिए कई नई पहलों का अनावरण करने की भी उम्मीद है। इससे पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, 'भारत में यूरोपीय संघ परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय संघ आयोग की अध्यक्ष वॉनडरलेयन का स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है।'
उन्होंने आगे कहा, '77वें गणतंत्र दिवस समारोह में उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में पाकर हम अत्यंत सम्मानित महसूस कर रहे हैं। हमें विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी आगामी चर्चा भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करेगी।'
दावोस में दिया था बड़ा बयान
मालूम हो कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंध बेहतर हुए हैं। यूरोपीय संघ, एक समूह के रूप में वस्तुओं के मामले में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए यूरोपीय संघ के साथ भारत का कुल वस्तु व्यापार लगभग 136 अरब अमेरिकी डॉलर का था, जिसमें निर्यात लगभग 76 अरब अमेरिकी डॉलर और आयात 60 अरब अमेरिकी डॉलर था।