भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता दिसंबर तक हस्ताक्षरित होकर अगले साल फरवरी-मार्च तक लागू हो जाएगा। इससे भारत के 93 प्रतिशत उत्पादों को यूरोप में ड्यूटी-फ्री एंट्री मिलेगी। वैश्विक व्यापार में 25% जीडीपी हिस्सेदारी रखने वाले इस साझेदारी के साथ ही भारत, अमेरिका और कनाडा के साथ भी अपने व्यापारिक समझौतों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।
भारत और 27 देशों के संगठन यूरोपीय संघ के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता इस साल दिसंबर तक हस्ताक्षरित हो जाएगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को मुंबई में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के साथ बातचीत में यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक समझौते को अगले साल फरवरी-मार्च के दौरान पूरी तरह लागू किए जाने की संभावना है।
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'मदर ऑफ ऑल डील्स' का रास्ता साफ
इसी साल 27 जनवरी को भारत और यूरोपीय संघ ने वार्ता के निष्कर्ष की घोषणा की थी। इसे व्यापार की दुनिया में 'सभी समझौतों की मां' (मदर ऑफ ऑल डील्स) कहा जा रहा है। पीयूष गोयल ने कहा कि अब लगभग शून्य शुल्क के साथ, पूरा यूरोपीय बाजार हमारे लिए खुल जाएगा। इस समझौते के लागू होते ही भारत के व्यापारिक रिश्तों को एक नई और अभूतपूर्व उड़ान मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पूरी दुनिया इस समय भारत की तरफ बेहद उम्मीद से देख रही है।
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व्यापार में बड़ा उछाल आने की उम्मीद
इस ऐतिहासिक भारत-ईयू समझौते के तहत भारतीय खेपों (शिपमेंट्स) के लगभग 93 प्रतिशत हिस्से को यूरोपीय बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। इसका सीधा फायदा भारतीय निर्यातकों और स्थानीय उद्योगों को होगा। इसके साथ ही, यूरोपीय संघ से भारत आने वाली लक्जरी कारों और वाइन पर आयात शुल्क कम होगा, जिससे ये उत्पाद भारत में सस्ते हो जाएंगे। आर्थिक आंकड़ों के लिहाज से यह बेहद मजबूत साझेदारी है। भारत और यूरोपीय संघ मिलकर वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 25 प्रतिशत हिस्सा संभालते हैं। इसके अलावा, दोनों पक्ष अंतरराष्ट्रीय व्यापार (लगभग 33 ट्रिलियन डॉलर) का एक-तिहाई, यानी लगभग 11 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 10,38,52,380.5 करोड़ रुपये का प्रतिनिधित्व करते हैं।
अमेरिका और कनाडा के साथ भी वार्ता तेज
केंद्रीय मंत्री ने वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते दबदबे का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर इसी सप्ताह भारत आ रहे हैं। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच व्यापार समझौते को लेकर अहम बातचीत होगी। इसके अलावा, फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान कनाडाई प्रधानमंत्री ने भी भारत के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को इसी साल अंतिम रूप देने की इच्छा व्यक्त की है। भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते के लिए दूसरे दौर की वार्ता मई में हो चुकी है।