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INDIA Emblem Act: क्या इंडिया नाम रखकर विपक्ष ने तोड़ा कानून, सर्वोच्च न्यायालय में यहां फंस सकता है मामला

अमित शर्मा
Updated Thu, 20 Jul 2023 05:20 PM IST

सार

INDIA Emblem Act: सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ वकील माजिद मेमन ने अमर उजाला से कहा कि विपक्षी दलों के द्वारा इंडिया शब्द का उपयोग किसी भी तरह गैरकानूनी नहीं है। इस नाम का न तो कहीं रजिस्ट्रेशन कराया गया है, और न ही इससे कोई आर्थिक लाभ लेने की कोशिश की गई है...
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INDIA Emblem Act - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht


इंडिया नाम से किसी संगठन को कानूनी तौर पर रजिस्ट्रेशन कराने के बाद उसका व्यावसायिक लाभ लेने के बाद, या अन्य तरीके से देश की प्रतिष्ठा के खिलाफ दुरुपयोग होने की परिस्थितियों में ही स्टेट एंब्लेम ऑफ इंडिया अधिनियम- 2005 और इसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार कार्रवाई हो सकती है।


उन्होंने कहा कि जीवित व्यक्तियों के अलावा कंपनी, ट्रस्ट और सोसाइटी आदि इस कानून के दायरे में आते हैं और वे इंडिया और भारत जैसे शब्दों का दुरुपयोग नहीं कर सकते। इसके बावजूद अनेक अखबार, टीवी चैनल और कंपनियां इंडिया नाम का इस्तेमाल कर रही हैं। भारत में राजनीतिक दलों के सभी गठबंधन, वो चाहे एनडीए हों या यूपीए, इंडिया जैसे शब्दों का उपयोग करते रहे हैं।


इनका सियासी महत्व भले ही हो, लेकिन कानून की दृष्टि में इसका विशेष महत्त्व नहीं है। इस गठबंधन के पदाधिकारी नहीं हैं, और कोई बैंक खाता भी नहीं खोला गया है। इंडिया शब्द लघु नाम के तौर पर उपयोग किया गया है, जबकि गठबंधन का पूरा नाम अलग है। इसलिए दलों के समूह द्वारा इंडिया नाम के दुरुपयोग के मामले में वर्तमान कानून के तहत कोई आपराधिक मामला नहीं बनना चाहिए।

क्या है एंब्लेम एक्ट

अंग्रेजों के समय से ही देश के नाम के अनुचित उपयोग को लेकर कानूनी प्रावधान थे। जब देश स्वतंत्र हुआ, तब भी इसके नाम के अनुचित उपयोग को लेकर हमारे संविधान निर्माता बेहद सजग थे। देश और उसके कुछ मान्य प्रतीकों के अनुचित उपयोग को रोकने के लिए ही एंब्लेम एक्ट 1950 बनाया गया था। बाद में समय-समय पर इसे संशोधित किया गया।

नवीनतम कानूनी प्रावधान को 'स्टेट एंब्लेम ऑफ इंडिया (प्रोहिबिशन ऑफ इंप्रॉपर यूज) एक्ट 2005' या संक्षिप्त में एंब्लेम एक्ट कहा जाता है। इसके अंतर्गत कोई व्यक्ति या संस्था उन शब्दों, प्रतीकों या चिन्हों का उपयोग नहीं कर सकती, जिसे भारत सरकार के संदर्भ में उपयोग किया जाता है। जैसे चार शेरों की छवि जिसे स्टांप में प्रयोग किया जाता है, उसका निजी संस्था या व्यक्ति अपने अर्थों में उपयोग नहीं किया जा सकता। यह दंडनीय अपराध है।

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