संसद की ओर से मंजूर हुए हिमालयन खेलों में भारत के साथ दोस्ताना संबंध रखने वाले देशों को ही आमंत्रित किया जा रहा है। भारत सरकार ने रणनीतिक तौर पर इन खेलों में अफगानिस्तान को तो आमंत्रित किया है, लेकिन पाकिस्तान को बुलावा नहीं भेजा है।
सरकार का मानना है कि पाकिस्तान को इन खेलों में बुलाकर उसके कश्मीर पर दावे को मजबूत करना होगा। यही कारण है कि अफगानिस्तान को तो इन खेलों में बुला लिया गया है, लेकिन पाकिस्तान को दूर रखने का फैसला लिया गया।
गुवहाटी में होने वाले इन खेलों में अफगानिस्तान के अलावा भूटान, नेपाल, म्यानमार और थाईलैंड को आमंत्रित किया गया है।इन खेलों में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, फेंसिंग, स्क्वाश, जूडो और फुटबाल का आयोजन किया जाना है।
मंत्रालय की योजना पहले इन खेलों को अप्रैल में कराने की थी। इसके लिए आईओए को भी साथ जोड़ लिया गया था। आईओए ने जब सभी देशों को इन खेलों में भाग लेने का प्रस्ताव दिया तो सभी ने हामी तो भर दी, लेकिन अप्रैल माह में भागीदारी पर एतराज जता दिया।
अफगानिस्तान को छोड़ सभी देशों का कहना है कि अप्रैल में उनकी टीमों की भागीदारी दूसरे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में होनी है। ऐसे में वह अगले माह इन खेलों में भाग नहीं ले सकते हैं। मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि अब अप्रैल के स्थान पर इस वर्ष के अंत में इनका आयोजन कराया जाए।