भारत में करीब 900 निजी स्वामित्व वाले टीवी चैनल हैं, जिनमें से आधे समाचार चैनल हैं। ‘रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ ने बताया कि 20 से अधिक भाषाओं में लगभग 1,40,000 प्रकाशन प्रकाशित होते हैं। जिनमें करीब 20,000 दैनिक समाचार पत्र हैं, जिनकी संयुक्त प्रसार संख्या 39 करोड़ प्रतियों से अधिक है।
रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स के 180 देशों में किये गए इस वर्ष के सर्वेक्षण के अनुसार विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत की रैंकिंग पिछले वर्ष के 159वें स्थान से सुधरकर 151 हो गई है। फिनलैंड, एस्टोनिया और नीदरलैंड इस सूचकांक में शीर्ष तीन स्थान पर हैं। सूचकांक में अमेरिका 57वें स्थान पर है, जो पिछले वर्ष की तुलना में दो स्थान नीचे है।
विज्ञापन
‘रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ के सहायक महानिदेशक थिबॉट ब्रुटिन ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, हमने रैंकिंग को अंतिम रूप देने के लिए दुनियाभर से करीब 5,000 लोगों की प्रतिक्रिया मांगी थी। इनमें नीति निर्माताओं, पत्रकारों और अन्य हितधारकों समेत विविध समूह शामिल हैं। उन्होंने कहा कि संगठन ने इन उत्तरदाताओं की पहचान उजागर नहीं की है और इस बात पर जोर दिया कि यह विभिन्न विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व करने वाला एक विविध समूह हो।
भारत में करीब 900 निजी स्वामित्व वाले टीवी चैनल हैं, जिनमें से आधे समाचार चैनल हैं। ‘रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ ने बताया कि 20 से अधिक भाषाओं में लगभग 1,40,000 प्रकाशन प्रकाशित होते हैं। जिनमें करीब 20,000 दैनिक समाचार पत्र हैं, जिनकी संयुक्त प्रसार संख्या 39 करोड़ प्रतियों से अधिक है।
विज्ञापन
कुछ खास लोगों के हाथों में मीडिया का नियंत्रण चिंता की विषय
रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया (29वें), कनाडा (21वें) और चेक गणराज्य (दसवें) जैसे उच्च रैंकिंग वाले देशों में भी कुछ खास लोगों के हाथों में मीडिया का नियंत्रण होना चिंता का विषय है।