फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चीन ने फिर बोला झूठ, भारतीय सेना ने कहा- हमारे जवानों ने नहीं की सीमा पार और न ही चलाईं गोलियां

Tue, 08 Sep 2020 11:58 AM IST
Sneha Baluni पीटीआई, नई दिल्ली
विज्ञापन
सरहद पर तैनात भारतीय सेना का जवान (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
विज्ञापन

चालबाज चीन का झूठ एक बार फिर सामने आया है। उसने पूर्वी लद्दाख में सोमवार रात को यथास्थिति को न केवल बदलने की कोशिश की बल्कि भारतीय जवानों को उकसाने के लिए हवा में फायरिंग भी की। इतना ही नहीं उसने भारतीय सैनिकों पर सीमा पार करने का झूठा आरोप भी लगाया। उसके झूठ पर मंगलवार को भारतीय सेना ने बयान जारी किया। सेना ने कहा कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) आगे बढ़ने के लिए उकसावे वाली गतिविधियां कर रही है। सेना ने दो टूक कहा कि वे क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहते हैं। हालांकि हम हर कीमत पर राष्ट्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए भी दृढ़ हैं।

विज्ञापन


बयान जारी करते हुए सेना ने कहा, 'चीन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। भारत वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सेनाओं को पीछे हटाने और स्थिति को सामान्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं चीन आगे बढ़ने के लिए उत्तेजक गतिविधियां कर रहा है। किसी भी चरण में भारतीय सेना ने एलएसी पार नहीं की और न ही किसी भी आक्रामक साधन का सहारा लिया जिसमें गोलीबारी भी शामिल है।'







यह भी पढ़ें- 45 साल बाद भारत-चीन सीमा पर फायरिंग : एक बार फिर भारतीय जवानों ने चीनी साजिश को किया नाकाम
विज्ञापन


सेना ने कहा, 'सात सितंबर को हुए तात्कालिक मामले में, चीन के पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) सैनिकों ने एलएसी पर हमारी फॉरवर्ड पोजिशन के करीब पहुंचने की कोशिश की। जब उसके साथी फौजियों ने उसे रोका तो उसने भारतीय सैनिकों को उकसाने के लिए हवा में फायरिंग की।'
विज्ञापन


भारतीय सेना ने कहा, 'यह पीएलए है जो समझौतों का घोर उल्लंघन कर रहा है और आक्रामक युद्धाभ्यास कर रहा है। जबकि सैन्य, राजनयिक और राजनीतिक स्तर पर सेना को पीछे हटाने के लिए बातचीत जारी है। गंभीर उकसावे के बावजूद, हमारे सैनिकों ने संयम बरता और परिपक्व और जिम्मेदार तरीके से व्यवहार किया। हम शांति और स्थिरता को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हालांकि हम हर कीमत पर राष्ट्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए भी दृढ़ हैं।'

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें