सिक्किम के नाकु दर्रे के पास सरहद पर हुई झड़प के बाद अब चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा, हमारे सैनिक चीन-भारत सीमा क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा, चीन भारत से आग्रह करता है कि वह चीन से बातचीत करे और सीमा पर एकपक्षीय कार्रवाई से परहेज करे, जो भारत-चीन सीमा पर तनाव बढ़ा सकता है। हम सरहद पर शांति बनाए रखने के लिए व्यावहारिक कदम उठा रहे हैं।
वहीं, चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने झड़प को फेक न्यूज बताया है। इसके प्रधान संपादक हुआ शीजिन ने कहा, भारतीय मीडिया में चीन-भारत सरहद पर झड़प होने की बात प्रसारित की जा रही है। ये खबर सिर्फ अफवाह है। दावा किया है कि चीन-भारत सीमा पर ऐसे किसी झड़प की बात से पीएलए ने इनकार कर दिया है।
चीन ने भारत से अनुरोध किया है कि वह चीनी अधिकारियों से बात करें और किसी भी एकपक्षीय कार्रवाई से परहेज करे जो कि सीमा पर तनाव को बढ़ा सकती है। चीन ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए भारत व्यावहारिक कदम उठाए। वहीं इससे पहले चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने इस खबर को फर्जी बताया था।
ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सोमवार को भारतीय मीडिया ने चीनी और भारतीय सैनिकों में तीन दिन पहले झड़प की बात कही है, जिसमें दोनों तरफ के सैनिक घायल हुए हैं। उसके एक सूत्र ने बताया कि ये रिपोर्ट्स फर्जी हैं। पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के फ्रंट लाइन पेट्रोल लॉग्स में ऐसा कुछ दर्ज नहीं है।
यह भी पढ़ें- सिक्किम के नाकू ला में भारतीय जवानों ने चीन की घुसपैठ को किया नाकाम, 20 चीनी सैनिक घायल
चीन के मुखपत्र ने लिखा है कि दोनों देशों के अग्रिम सैनिकों के बीच टकराव हो सकता है, लेकिन यदि ऐसा टकराव होता है जिसमें सैनिक हताहत हुए हों, तो यह असंभव है कि रिकॉर्ड में इसे दर्ज ना किया जाए। हालांकि भारतीय सेना ने घटना की पुष्टि करते हुए इसे मामूली झड़प करार दिया है।
भारतीय सेना ने अपने बयान में कहा, 'हमसे सिक्किम क्षेत्र में भारतीय सेना और पीएलए सैनिकों के बीच टकराव को लेकर कई सवाल पूछे गए हैं। यह स्पष्ट किया जाता है कि 20 जनवरी 2021 को उत्तरी सिक्किम के ना कूला क्षेत्र में एक मामूली झड़प हुई थी और इसे स्थानीय कमांडरों ने स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार हल कर लिया था। मीडिया से अनुरोध है कि वे उन चीजों की अतिरंजित करने से बचें जो तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।'