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लद्दाख में भारत के सख्त रुख के चलते चीन ने दोकलम में बढ़ाई हलचल

Wed, 24 Jun 2020 07:34 AM IST
संजीव कुमार झा गुंजन कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • पूर्वी लद्दाख में पीछे हटने पर सहमति के बावजूद भारत का सिरदर्द कम नहीं होने देना चाहता चीन
  • नेपाल की तरह भूटान को भी विवाद में घसीटने की चाल, सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर पैनी नजर
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Indian army and chinese army
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विस्तार
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पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत के अडिग रुख से बौखलाया चीन दोकलम में फिर चालबाजी पर उतर आया है। एक  खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने भूटान और भारत के सिक्किम से लगी सीमा पर 2017 की तरह हरकत शुरू कर दी है। सरकारी रणनीतिकारों के मुताबिक पूर्वी लद्दाख में तीन जगहों पर पीछे हटने की सहमति के बावजूद चीन भारत का सिरदर्द कम नहीं होने देना चाहता। ऐसे में सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर दोकलम की स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।

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उच्च पदस्थ सरकारी सूत्रों के मुताबिक चीन भारत के साथ मौजूदा विवाद में नेपाल की तरह भूटान को भी घसीटने की फिराक में हैं। दरअसल, चीन ने 2017 में भूटान और भारत के ट्राइजंक्शन पर स्थित संवेदनशील दोकलम में घुसकर 73 दिन तक तनाव बनाए रखा था। उस दौरान भारत भूटान से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से भूटान के पक्ष में डटा रहा।

आखिर में चीन को वहां से हटना पड़ा। इस बार चीन नए पैतरे से नेपाल की तर्ज पर भारत और भूटान के बीच तनाव पैदा कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक सिक्किम में भारतीय सेना का खासा जमावड़ा है। सिक्किम सेक्टर में कहीं भी चीन की किसी हरकत पर उसे बिना किसी देरी अग्रिम मोर्चे पर तैनात किया जा सकता है।
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राज्यसभा सांसद और भाजपा के राजनीतिक-सामरिक-कूटनीतिक रणनीतिकार सुब्रमण्यम स्वामी ने भी ट्वीट कर दोकलम की स्थिति पर आगाह करते हुए विदेश मंत्रालय से इस पर स्पष्टीकरण देने को कहा है। स्वामी ने अमेरिकी खुफिया सूत्र का हवाला देते हुए कहा, कि चीन ने 2017 के अंदरूनी दोकलम समझौते को अपने स्तर पर निरस्त कर हरकत करने पर उतारू है।

सामरिक मामलों से जुड़े सरकारी सूत्रों ने बताया, चीन दो कदम आगे, एक कदम पीछे की रणनीति पर काम कर रहा है। ताकि सामरिक और अंतरराष्ट्रीय दबाव में एक कदम पीछे हटकर भी एक कदम के फायदे में रहे। यही वजह है इस बार भारत अपने सभी बिंदुओं पर अडिग रह कर चीन को हिलने का मौका नहीं देना चाहता।

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